राम वाटिका धाम को लेकर धौरहरा में घमासान क्या गैर-समुदाय की आवाज नहीं पहुंचेगी नगर पंचायत तक?

लखीमपुर खीरी , 6

धौरहरा। नगर पंचायत धौरहरा में राम वाटिका धाम से जुड़े मुद्दे को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी की चर्चा तेज है। लोगों का आरोप है कि उनकी समस्याओं को अपेक्षित प्राथमिकता नहीं मिल रही और नगर अध्यक्ष तथा संबंधित सभासदों तक अपनी बात पहुंचाने में उन्हें कठिनाई महसूस होती है।सबसे बड़ा सवाल जनता का है—क्या नगर पंचायत का प्रतिनिधित्व सभी नागरिकों के लिए नहीं है? क्या जिन लोगों ने जनप्रतिनिधियों को वोट दिया, उनकी समस्याएं भी उतनी ही महत्वपूर्ण नहीं हैं?
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि किसी समुदाय के लोगों को यह महसूस हो कि उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया जा रहा, तो जनप्रतिनिधियों को स्वयं आगे बढ़कर संवाद करना चाहिए। केवल कार्यालय में बैठकर शिकायतों की प्रतीक्षा करने से जनता का भरोसा कैसे कायम होगा?सभासदों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। लोगों का आरोप है कि कई समस्याओं के समाधान के बजाय व्यक्तिगत स्तर पर मनमानी का माहौल दिखाई देता है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।

अब जनता सीधे सवाल पूछ रही है—राम वाटिका धाम का पूरा मामला क्या है?नगर पंचायत स्तर पर अब तक क्या कार्रवाई हुई?जनता की शिकायतों को दर्ज कर उनका समाधान कब होगा?क्या नगर अध्यक्ष मौके पर पहुंचकर लोगों से संवाद करेंगे?
क्या संबंधित सभासद जनता के बीच जाकर वास्तविक स्थिति बताएंगे?और सबसे अहम—जनता के आक्रोश का समाधान आखिर कब होगा?नगर पंचायत धौरहरा में बढ़ती चर्चा के बीच लोगों की निगाह अब नगर अध्यक्ष के जवाब पर है। जनता आरोप नहीं, स्पष्ट जवाब और धरातल पर समाधान चाहती है।

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