सरस्वती विद्या मंदिर मे 'नमामि भारतम' कार्यक्रम का आयोजन।
लखीमपुर खीरी Sep 23, 2026 at 05:58 PM , 2पलिया विद्यालयों में अभ्यास जारी।
पलिया कला खीरी वंदे मातरम् की रचना के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करने वाली भारत की सबसे बड़ी संस्था विद्या भारती ने आगामी 25 सितंबर को पूरे देश में एक ही समय 11 बजे दिन में वंदे मातरम गायन की व्यवस्था की है।
इसी क्रम में सरस्वती विद्या मंदिर पलिया द्वारा आसपास के क्षेत्रों के विभिन्न विद्यालयों में वंदे मातरम् के सामूहिक गायन को लेकर जागरूकता एवं अभ्यास कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
वहीं, विद्यालय परिसर में भी कार्यक्रम की सफलता के लिए भैया-बहनों एवं आचार्यों द्वारा नियमित रूप से सामूहिक पूर्वाभ्यास किया जा रहा है।
मौके पर विद्यालय के प्रधानाचार्य सुनील कुमार सिंह ने कहा कि नमामि भारतम’ देशभर में एक साथ राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के सामूहिक गायन के माध्यम से राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रभावना को अभिव्यक्त करने का महत्वपूर्ण अवसर है।
वंदे मातरम् भारतीय जनमानस में मातृभूमि के प्रति श्रद्धा और सम्मान की भावना का प्रतीक रहा है। इस ऐतिहासिक अवसर पर अधिक से अधिक विद्यालयों एवं लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए विद्यालय द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
नमामि भारतम’ जैसे आयोजन भैया-बहनों में राष्ट्रप्रेम, अनुशासन तथा अपनी गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत के प्रति सम्मान की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने कहा कि विद्यालय की ओर से क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों में सामूहिक गायन को लेकर जागरूकता एवं आवश्यक तैयारी कराई जा रही है, ताकि 25 सितंबर को निर्धारित समय पर सभी सहभागी एक साथ, एक लय और एक स्वर में ‘वंदे मातरम्’ का गायन कर इस ऐतिहासिक अवसर के सहभागी बन सकें।
25 सितंबर को सुबह 11 बजे देशभर के विद्यालयों एवं चयनित स्थलों पर सामूहिक रूप से ‘वंदे मातरम्’ का गायन किया जाएगा। सरस्वती विद्या मंदिर, पलिया कलां भी इस राष्ट्रव्यापी आयोजन में सक्रिय सहभागिता करते हुए कार्यक्रम को सफल बनाने की तैयारियों में जुटा है। वही विद्यालय के अध्यक्ष चंद कुमार जैन ने बताया है कि यह आयोजन विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान नई दिल्ली के आवाहन पर हो रहा है विद्या भारती से संबंध देश भर के 25 हजार विद्यालयों में 25 सितंबर को 11:00 बजे एक साथ एक लय एक स्वर और एक समय पर सामूहिक बंदे भारतम् का गायन किया जाएगा इसका उद्देश्य नहीं पीढ़ी में राष्ट्रभक्ति राष्ट्रीय एकता में अपनी संस्कृति विरासत के प्रति गौरव का भाव जागृत करना है।






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