विद्यालय परिसर बना जलाशय, बच्चों की राह मुश्किल अतिवृष्टि से प्राथमिक विद्यालय तेंदुआ में जलभराव, भवन पर मंडराया खतरा

लखीमपुर खीरी , 7

शिक्षकों ने बीडीओ को पत्र भेजकर जल निकासी की व्यवस्था कराने की मांग की

मितौली-खीरी। विकासखंड मितौली के ग्राम तेंदुआ स्थित प्राथमिक विद्यालय में लगातार हुई अतिवृष्टि के चलते विद्यालय परिसर जलमग्न हो गया है। परिसर में जगह-जगह पानी भरा होने से नौनिहालों को विद्यालय आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, विद्यालय भवन की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंता बनी हुई है।
ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय के सभी भवन जर्जर स्थिति में हैं। बारिश होते ही भवनों की छतों से पानी टपकने लगता है, जिससे बच्चों को कक्षाओं में बैठने में काफी दिक्कत होती है। ग्रामीणों ने भवनों की हालत को देखते हुए किसी अनहोनी की आशंका भी जताई है।
बताया जा रहा है कि बारिश के बाद विद्यालय परिसर में पानी की समुचित निकासी नहीं हो पा रही है। इसके चलते परिसर में लंबे समय से पानी जमा है। विद्यालय पहुंचने वाले बच्चों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। छोटे-छोटे बच्चों के लिए यह स्थिति विशेष रूप से जोखिमपूर्ण बनी हुई है। जलभराव के कारण परिसर में फिसलन और गंदगी भी बढ़ गई है, जिससे किसी भी समय हादसा होने की आशंका बनी हुई है।
विद्यालय भवन की नींव को लेकर भी चिंता
लगातार पानी जमा रहने से विद्यालय भवन की नींव और आसपास की जमीन पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है। यदि समय रहते जल निकासी की व्यवस्था नहीं कराई गई तो विद्यालय भवन को नुकसान पहुंचने के साथ ही स्थिति और गंभीर हो सकती है। शिक्षकों और ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय बच्चों के भविष्य की नींव तैयार करने का स्थान है, लेकिन वर्तमान में यही परिसर जलभराव की समस्या से जूझ रहा है।
शिक्षकों ने बीडीओ से लगाई गुहार
समस्या को देखते हुए विद्यालय के शिक्षकों ने खंड विकास अधिकारी मितौली को पत्र भेजकर जलभराव से निजात दिलाने की मांग की है। शिक्षकों का कहना है कि यदि शीघ्र जल निकासी की व्यवस्था नहीं की गई तो बरसात के दौरान समस्या और विकराल रूप ले सकती है।
ग्रामीणों ने मिट्टी डलवाने की मांग उठाई
वहीं, क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों ने विकास विभाग से विद्यालय परिसर का स्थलीय निरीक्षण कराकर आवश्यकतानुसार मिट्टी डलवाने, परिसर का समतलीकरण कराने तथा जल निकासी की स्थायी व्यवस्था किए जाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि महज खानापूर्ति से समस्या का समाधान नहीं होगा। विद्यालय परिसर को ऊंचा कर जल निकासी की ठोस व्यवस्था कराना जरूरी है, ताकि भविष्य में बारिश के दौरान दोबारा ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो।
अब देखना यह है कि विद्यालय की इस गंभीर समस्या पर विकास विभाग कितनी शीघ्रता से संज्ञान लेता है और नौनिहालों को जलभराव के बीच विद्यालय आने-जाने की मजबूरी से कब निजात मिलती है।

Related Articles

Comments

Back to Top