*यूपी ग्रामीण बैंक की बड़ी मनमानी से भाइयों के कर्ज में मृतक पिता की पूरी जमीन बंधक, बेटे की जमीन भी फंसी; पीड़ित ने मुख्यमंत्री से लगाई गुहार, IGRS पर केस दर्ज*

लखीमपुर खीरी , 6

(हरिशंकर मिश्र/सुनीता)

*लखीमपुर-खीरी।*जिले के फूलबेहड़ ब्लॉक से बैंक की लापरवाही और मनमानी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। जहां दो भाइयों द्वारा लिए गए कृषि ऋण की आड़ में *उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक, शाखा शारदानगर* ने मृतक पिता के नाम की पूरी कृषि भूमि को ही अवैध तरीके से बंधक बना दिया। इसमें उस बेटे की भूमि भी बंधक बन गई जिसने कभी कर्ज लिया ही नहीं। न्याय न मिलने पर पीड़ित ने अब *मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और IGRS जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज* कराई है।
प्रार्थना-पत्र के अनुसार *गोविन्द पुत्र खेदारू निवासी ग्राम- कुशमौरी, परगना श्रीनगर, तहसील लखीमपुर, थाना फूलबेहड़, जिला खीरी* का रहने वाला है। उसके पिता *खेदारू पुत्र बेनी की मृत्यु 28.12.2021 को* हो गई थी। पिता की मृत्यु के बाद उनकी कुल भूमि *गाटा संख्या-590 रकबा 0.429 हे., 468/0.741 हे., 592/0.2430 हे.* पीड़ित सहित सभी वारिसों के नाम बराबर-बराबर *1/5 अंश* के हिसाब से वरासतन दर्ज हुई। स्व. खेदारू के पांच पुत्र थे-इसमें एक मुनीम की मृत्यु हो चुकी है। बेचू लाल, गोविन्द (प्रार्थी), राम दयाल, सागर कुमार उर्फ राम सागर व मुनीम (मृतक, जिनके वारिस दर्ज हैं)।
पीड़ित का आरोप है कि *दिनांक 27.07.2023 को* उसके दो भाई *राम दयाल व राम सागर उर्फ सागर कुमार ने उ.प्र. ग्रामीण बैंक शाखा शारदानगर से कृषि ऋण लिया।* नियमानुसार बैंक को सिर्फ ऋण लेने वाले दोनों भाइयों के हिस्से की भूमि ही बंधक बनानी चाहिए थी लेकिन बैंक अधिकारियों ने कानून को ताक पर रखकर ऋण धारकों की भूमि बंधक न करके *उसके मृतक पिता स्व. खेदारू के नाम की उपरोक्त वर्णित कुल भूमि को ही बंधक कर दिया*, जिसमें प्रार्थी गोविन्द का भी 1/5 हिस्सा शामिल है।

गोविन्द का कहना है कि उसने और उसके पिता ने कभी भी बैंक से कोई ऋण नहीं लिया है। इसका सबूत खुद बैंक द्वारा दिया गया *नो-ड्यूज प्रमाण पत्र* है, जिसमें स्पष्ट लिखा है कि प्रार्थी व उसके पिता पर कोई बकाया ऋण नहीं है। जब पीड़ित ने इस अवैध बंधक को लेकर शाखा प्रबंधक से शिकायत की तो प्रबंधक ने मामले को गंभीरता से लेने के बजाय कह दिया कि *"हम कुछ नहीं कर पाएंगे।"*

अपनी भूमि को बंधक मुक्त कराने के लिए पीड़ित ने *दिनांक 25-07-2026 को मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश को संबोधित प्रार्थना-पत्र* भेजा और साथ ही *IGRS - जनसुनवाई पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत* सन्दर्भ संख्या 40015326039026 दर्ज कराई है।
पीड़ित ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि प्रकरण की निष्पक्ष जांच करवाकर *उ.प्र. ग्रामीण बैंक शाखा शारदानगर के शाखा प्रबंधक के खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जाए और उसके नाम की 1/5 अंश भूमि को अवैध बंधक से मुक्त कराया जाए।* 
पीड़ित की विकलांग पत्नी ने बताया कि मामला जांच में चौकी प्रभारी सुंदरवल को मिला तो उन्होंने कार्रवाई करने के बजाय समझौते के लिए दबाव बनाने लगे और कहा की बैंक मैनेजर से समझौता कर लो नहीं तो ज्यादा प्रार्थना पत्र इधर-उधर दोगे तो परिवार सहित जिंदगी जेल में गुजरेगी।
अब सवाल यह उठता है कि क्या मुख्यमंत्री जनसुनवाई पर दर्ज इस शिकायत के बाद  लखीमपुर-खीरी के लीड बैंक अधिकारी व प्रशासन इस गरीब किसान को न्याय दिला पाएंगे या बैंक की यह मनमानी यूं ही जारी रहेगी।

Related Articles

Comments

Back to Top