*अब 125 दिन रोजगार की गारंटी, ₹300 मजदूरी से ग्रामीण परिवारों को दोहरा लाभ*
लखीमपुर खीरी Aug 14, 2026 at 06:50 PM , 48*पंच सम्मेलन में डीएम ने दिए प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश; सीडीओ ने आजीविका संवर्धन पर दिया जोर*
लखीमपुर खीरी, 14 अगस्त। ग्रामीण परिवारों को रोजगार, आजीविका और बेहतर ग्रामीण अधोसंरचना से जोड़ने की दिशा में विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) (वीबी-जी राम जी) अधिनियम, 2025 महत्वपूर्ण बदलाव लेकर आया है। अधिनियम के तहत प्रत्येक पात्र ग्रामीण परिवार को वित्तीय वर्ष में 125 दिनों के कानूनी गारंटी वाले मजदूरी रोजगार का प्रावधान किया गया है। इसके साथ समयबद्ध मजदूरी भुगतान, बेरोजगारी भत्ता, तकनीक आधारित निगरानी और ग्राम पंचायतों की अधिक प्रभावी भूमिका सुनिश्चित की गई है।
इसी विषय पर गुरुवार शाम कलेक्ट्रेट स्थित अटल सभागार में पंच सम्मेलन आयोजित हुआ। सम्मेलन में ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों को वीबी-जी राम जी अधिनियम के प्रावधानों, पंचायतों की भूमिका और गांव की जरूरत के अनुरूप विकास कार्यों की योजना तैयार करने के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ डीएम अंजनी कुमार सिंह, सीडीओ अभिषेक कुमार एवं ब्लॉक प्रमुख बीना राज ने पीडी सतीश कुमार पाण्डेय तथा डीडीओ गजेंद्र प्रताप सिंह के साथ दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम का समन्वय एवं संचालन उपायुक्त श्रम रोजगार अमित कुमार परिहार ने किया।
*पंचायतें बनेंगी ग्रामीण विकास की धुरी : डीएम*
डीएम अंजनी कुमार सिंह ने कहा कि वीबी-जी राम जी अधिनियम केवल रोजगार उपलब्ध कराने की व्यवस्था नहीं है, बल्कि ग्रामीण परिवारों की आजीविका सुरक्षा और गांवों के समग्र विकास को गति देने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से आह्वान किया कि अधिनियम की जानकारी प्रत्येक पात्र परिवार तक पहुंचाई जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि पात्र लोगों को नियमानुसार रोजगार मिले।
उन्होंने कहा कि 125 दिन की रोजगार गारंटी का वास्तविक लाभ तभी दिखाई देगा, जब कार्यों का चयन गांव की वास्तविक जरूरतों और स्थानीय संसाधनों को ध्यान में रखकर किया जाए। जल सुरक्षा, ग्रामीण आधारभूत ढांचे, आजीविका से जुड़ी परिसंपत्तियों तथा आपदा प्रबंधन से संबंधित उपयोगी कार्यों को प्राथमिकता दी जाए।
डीएम ने कहा कि रोजगार के साथ ₹300 प्रतिदिन मजदूरी ग्रामीण परिवारों की आय को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इसलिए कार्य चयन, स्वीकृति, मस्टर रोल, मजदूरी भुगतान और कार्य की गुणवत्ता हर स्तर पर पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्धता सुनिश्चित की जाए। अधिनियम में डिजिटल मॉनिटरिंग, सार्वजनिक प्रकटीकरण और सोशल ऑडिट जैसे प्रावधानों से जवाबदेही को और मजबूत किया गया है।
*रोजगार से आगे, स्थायी आजीविका पर फोकस : सीडीओ*
सीडीओ अभिषेक कुमार ने कहा कि वीबी-जी राम जी का उद्देश्य केवल मजदूरी रोजगार देना नहीं, बल्कि स्थायी आजीविका और उत्पादक ग्रामीण परिसंपत्तियां विकसित करना है। ग्राम पंचायतें स्थानीय जरूरतों के आधार पर जल संरक्षण, कृषि, आधारभूत संरचना, आजीविका और आपदा प्रबंधन से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि पीएम गति शक्ति और जियोस्पेशियल तकनीक से योजनाओं को जोड़कर गांवों का विकास अधिक समन्वित और परिणामपरक बनाया जाएगा।
*रोजगार, पारदर्शिता और महिला भागीदारी पर जोर*
वीबी-जी राम जी अधिनियम में 125 दिन रोजगार के साथ समयबद्ध भुगतान और जवाबदेही सुनिश्चित की गई है। 15 दिन में काम न मिलने पर बेरोजगारी भत्ता और मजदूरी भुगतान में देरी पर मुआवजे का प्रावधान है। डिजिटल तकनीक के जरिए बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन, जियो-रेफरेंसिंग, रियल-टाइम डैशबोर्ड व एआई आधारित निगरानी से पारदर्शिता बढ़ेगी। वहीं, कम से कम एक-तिहाई लाभार्थियों में महिलाओं की भागीदारी, महिला मुखिया वाले परिवारों को प्राथमिकता, कार्यस्थल पर क्रेच और महिलाओं को ‘मेट’ के रूप में प्रोत्साहन का प्रावधान है।
*गांव की जरूरत से तय होगा विकास का एजेंडा : जिला प्रशिक्षण अधिकारी*
जिला प्रशिक्षण अधिकारी मनीष चंद्रा ने पंच सम्मेलन में वीबी-जी राम जी अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी देते हुए त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों से गांव की जरूरतों के आधार पर कार्ययोजना बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि लक्ष्य 125 दिन रोजगार, ₹300 मजदूरी और स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण है। रोजगार के साथ जल, कृषि, आजीविका और आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने वाले कार्यों को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने पारदर्शिता, सोशल ऑडिट, समयबद्ध मजदूरी भुगतान और जनभागीदारी पर भी जोर दिया।































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