*जादू के खेल से युवाओं को बताया एड्स से बचाव का तरीका, दो माह का जागरूकता अभियान शुरू*

लखीमपुर खीरी , 22

*​अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस पर जिला चिकित्सालय ओएल में विशेष चिकित्सा शिविर का हुआ आयोजन*

*​क्यूआर कोड स्कैन से 'सेल्फ रिस्क असेसमेंट' का तरीका सीख युवाओं ने दिखाई दिलचस्पी*

*​शिविर में 58 लोगों की एचआईवी, सिफलिस और हेपेटाइटिस बी व सी की हुई नि:शुल्क जांच*

​लखीमपुर खीरी।अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस' के अवसर पर जिला चिकित्सालय ओयल (खीरी) में विशेष चिकित्सा शिविर एवं लोक कला कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। सीएमओ डॉ संतोष गुप्ता के निर्देश पर आयोजित इस कार्यक्रम में जिला क्षय रोग अधिकारी/नोडल अधिकारी डॉ. पीके रावत व प्रभारी सीएमएस डॉ आरपी वर्मा की उपस्थिति रही। इस शिविर के साथ ही जनपद में दो माह तक चलने वाले सघन एचआईवी/एड्स जागरूकता अभियान की भी औपचारिक शुरुआत हो गई। पूरे कार्यक्रम का कुशल संचालन और समन्वय अनुदीप वर्मा (डिस्ट्रिक्ट पीएमडीटी/टीबी-एचआईवी कोऑर्डिनेटर) द्वारा किया गया।

​जागरूकता कैंप का मुख्य आकर्षण एक जादू का शो रहा। जादूगर ने हैरतअंगेज करतबों और मनोरंजक खेल के माध्यम से युवाओं व आम जनता को एचआईवी/एड्स के लक्षण, बचाव के उपायों और इससे जुड़ी सामाजिक भ्रांतियों के बारे में बेहद सरल भाषा में समझाया। इसके साथ ही शिविर में क्यूआर कोड (QR Code) स्कैन के माध्यम से लोगों को स्वयं के जोखिम का आकलन करने के लिए 'सेल्फ रिस्क असेसमेंट' तकनीक की जानकारी दी गई। खेल-खेल और आधुनिक तकनीक के इस मिलाजुला प्रयास को युवाओं ने काफी सराहा।

​कार्यक्रम मे डॉ. पीके रावत ने कहा कि युवा देश का भविष्य हैं और एड्स जैसी गंभीर बीमारी से बचाव के लिए सही जानकारी ही सबसे बड़ा हथियार है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे समाज में फैली भ्रांतियों को दूर करने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।
​शिविर के दौरान आयोजित नि:शुल्क स्वास्थ्य परीक्षण में 58 लोगों की एचआईवी व सिफलिस और इतने ही लोगों की हेपेटाइटिस-बी एवं हेपेटाइटिस-सी की मौके पर ही जांच की गई। उपस्थित विशेषज्ञों द्वारा शिविर में आए युवाओं की काउंसलिंग कर उन्हें स्वेच्छा से जांच कराने के लिए प्रेरित किया गया।
​प्रभारी सीएमएस डॉ आरपी वर्मा ने बताया कि शासन के आदेशानुसार अगले दो महीनों तक जनपद के विभिन्न ब्लॉकों, स्कूलों और ग्राम पंचायतों में लोक कला, रैलियों और गोष्ठियों के माध्यम से यह अभियान निरंतर चलाया जाएगा।
​कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ. अभिषेक कुमार (एमओ ओएसटी), परमानन्द (फार्मासिस्ट टीबी क्लिनिक), गजेन्द्र पाल (आईसीटीसी काउन्सलर), प्रियंका तिवारी (एसटीआई काउन्सलर), अमन मेहरोत्रा (एलटी आईसीटीसी), हर्षिता सक्सेना (ओएसटी काउन्सलर), अंजू पाल (प्रोजेक्ट मैनेजर, ग्रामीण विकास सेवा समिति) एवं जितेन्द्र कुमार (प्रोजेक्ट मैनेजर, चित्रांश समाज कल्याण परिषद) सहित फार्मासिस्टों, स्टाफ नर्सों व कर्मचारियों ने सक्रिय योगदान दिया।

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