आलपुर में श्रीमद्भागवत कथा में गूंजा श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का जयघोष

लखीमपुर खीरी , 23

कथा व्यास पं. विनीत कुमार मिश्रा ने सुनाई भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की मार्मिक कथा कन्या भोज व भंडारे का आयोजन


मितौली, खीरी। विकासखंड क्षेत्र के आलपुर गांव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिवस कथा व्यास पंडित विनीत कुमार मिश्रा, श्री उमराव महादेव धाम, नैमिषारण्य धाम, सीतापुर ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की कथा का मार्मिक वर्णन किया। कथा सुनने के लिए सैकड़ों की संख्या में माताएं-बहनें एवं श्रद्धालु पहुंचे और भक्तिमय वातावरण में भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों से पूरा पंडाल गूंज उठा।
कथा व्यास ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म प्रसंग का वर्णन करते हुए बताया कि जब पृथ्वी पर अत्याचार बढ़ गया और कंस के अत्याचारों से प्रजा त्राहि-त्राहि करने लगी, तब भगवान ने धर्म की स्थापना और अधर्म के नाश के लिए देवकी एवं वासुदेव के घर श्रीकृष्ण के रूप में अवतार लिया। कंस ने देवकी के आठवें पुत्र से अपनी मृत्यु की भविष्यवाणी सुनकर देवकी और वासुदेव को कारागार में बंद कर दिया था।
भाद्रपद मास की कृष्ण पक्ष की अष्टमी की मध्यरात्रि में जब चारों ओर घोर अंधकार था, उसी समय भगवान श्रीकृष्ण ने कारागार में चतुर्भुज रूप में प्रकट होकर वासुदेव और देवकी को दर्शन दिए। भगवान के प्राकट्य से कारागार दिव्य प्रकाश से भर उठा। भगवान ने वासुदेव को आदेश दिया कि वे उन्हें गोकुल में नंद बाबा के घर ले जाकर वहां जन्मी कन्या को लेकर वापस कारागार आ जाएं।
भगवान की लीला से कारागार के सभी प्रहरी निद्रा में चले गए और बंदीगृह के द्वार अपने आप खुल गए। वासुदेव जी श्रीकृष्ण को टोकरी में रखकर यमुना पार करते हुए गोकुल पहुंचे और उन्हें माता यशोदा के पास छोड़ आए। इसके बाद भगवान की बाल लीलाओं ने समस्त ब्रजवासियों का मन मोह लिया।
कथा के दौरान जैसे ही श्रीकृष्ण जन्म का प्रसंग आया, श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। पंडाल में ‘नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ के जयकारे गूंजने लगे। श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की खुशी मनाई।
कथा व्यास ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का अवतार केवल कंस के अत्याचार का अंत करने के लिए नहीं, बल्कि संसार को धर्म, प्रेम, करुणा और सत्य के मार्ग पर चलने का संदेश देने के लिए हुआ। भगवान श्रीकृष्ण का जीवन मानव मात्र को कर्म करते हुए धर्म के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
आयोजकों ने बताया कि आज पंचम दिवस की कथा के समापन के बाद कन्या भोज एवं विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। आयोजकों ने क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर प्रसाद ग्रहण करने की अपील की है।

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