सीवर-सैप्टिक टैंक सफाई में सबसे ज्यादा मौतें सुप्रीम कोर्ट ने यूपी के मुख्य सचिव को अवमानना नोटिस भेजकर दी चेतावनी
लखीमपुर खीरी Aug 01, 2026 at 07:30 PM , 38(शाजिफ हुसैन/केके शुक्ला)
लखीमपुर-खीरी।कोर्ट ने 14 राज्यों से 4 सप्ताह में मांगा जवाब, मशीनों से सफाई और मुआवजे पर फोकस
सुप्रीम कोर्ट ने सीवर और सैप्टिक टैंक की सफाई के दौरान हो रही मौतों पर सख्त रुख अपनाते हुए उत्तर प्रदेश को चेतावनी दी है। न्यायमूर्ति अरविंद कुमार और न्यायमूर्ति विपुल एम. पंचोली की पीठ ने डॉक्टर बलराम सिंह बनाम भारत सरकार व अन्य मामले में सुनवाई के दौरान कहा कि कोर्ट के पहले दिए निर्देशों पर संतोषजनक काम नहीं हुआ। यूपी में सबसे अधिक 86 मौतें होने का हवाला देते हुए पीठ ने राज्य के मुख्य सचिव को अवमानना नोटिस जारी करने की चेतावनी दी और यूपी सहित 14 राज्यों से 4 सप्ताह में स्पष्टीकरण और हलफनामा तलब किया।
सामाजिक कार्यकर्ता चंदन लाल वाल्मीकि के अनुसार हाथ से मैला उठाने वाले कर्मियों के नियोजन का प्रतिषेध और उनका पुनर्वास अधिनियम 2013 के क्रियान्वयन में यूपी सरकार की रुचि नहीं रही। उन्होंने बताया कि भारत सरकार की नमस्ते योजना 2023 में शुरू हुई थी जिसका मकसद मशीनों से सफाई कराकर मौतें रोकना और सफाई कर्मचारियों को सहायता देना है, लेकिन समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित योजनाएं यूपी में प्रभावी नहीं हो पाईं। लापरवाही के कारण यूपी में अब तक 100 से अधिक सफाईकर्मियों की मृत्यु हो चुकी है। आरोप है कि मृतकों के आश्रितों को 30 लाख रुपये का मुआवजा भी नहीं मिला।पीठ ने सफाई में मशीनों का प्रयोग न करने, मैनुअल सफाई कराने, मुआवजा न देने और सुरक्षा निर्देशों की अनदेखी पर नाराजगी जताई। कोर्ट ने कहा कि ठेकेदारों के भरोसे मामला छोड़ देने से समस्या हल नहीं होगी। यूपी के अलावा गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान, पंजाब, तमिलनाडु, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, गोवा और बिहार के मुख्य सचिवों को भी नोटिस की चेतावनी दी गई है।































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