बाढ़ प्रभावित गांवों में राहत पहुंचा रहा प्रशासन स्थलीय निरीक्षण कर नुकसान के आकलन हेतु निर्देश

लखीमपुर खीरी , 2

धौरहरा खीरी।

 (मनोज मिश्र)


धौरहरा इलाके में घाघरा नदी के उफनाने से करीब दो दर्जन गांवों के जनजीवन को अस्त-व्यस्त करते हुए बताया जाता है लगभग सैकड़ों बीघा कृषि भूमि को अपने आगोश में व सैकड़ों एकड़ भूमि पर लगी फसलों में बाढ़ का पानी भरने से फसलें नष्ट हो गई। इसके लिए तहसील प्रशासन के अफसर आम लोगों तक लंच बॉक्स व नुकसान के आंकलन का सर्वेक्षण कार्य शुरू हो गया।
क्षेत्रीय लोगों से प्राप्त जानकारी के अनुसार तहसील क्षेत्र में बह रही घाघरा नदी के उफनाने से क्षेत्र के ग्राम मिलिक,सियापुर,सधुवापुर,दुर्गापुर पडरी,गुलरिया ताल्लुके अमेठी,जंगल सुजानपुर,रामलोक,गोड़ियाना,गनापुर,ओझापुरवा,चंदौली,चकदहा,डुडंकी,गौढ़ी,माझासुमाली,मिर्जापुर, मल्लापुर,परसा,कैरातीपुरवा,बेलागढ़ी आदि लगभग दो दर्जन गांवों में घाघरा का पानी घुसने से सारा जन जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है इससे गांवों में खाना खाने व बनाने के लाले होने के साथ घर गृहस्थी का सामान भी नष्ट हो गया। बाढ़ प्रभावित गांवों में रहने वाले लोगों को तहसील प्रशासन के अफसर सुबह-शाम लंच बॉक्स मुहैया कराने में लगे हुए हैं।और तो और इन गांवों में रहने वाले किसानों की लगभग सैकड़ों बीघा भूमि भी नदी की धारा में विलीन हो गई बताई जा रही है। घाघरा नदी के पानी से सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि में लगी फसले नष्ट होने की कगार पर पहुंच गई हैं।इसको लेकर तहसील प्रशासन ने घरों की क्षति व खेतों में खड़ी फसलों व जमीन कटान मामले का स्थलीय सर्वेक्षण कराने के लिए लेखपाल व राजस्व निरीक्षको को निर्देशित करते हुए कहा कि अतिशीघ्र रिपोर्ट देने की बात बताई जा रहीं हैं।
 एसडीएम राशी कृष्णा व तहसीलदार आदित्य विशाल बताते हैं कि प्रभावित लोगों कों लंच बॉक्स मुहैया कराने व सभी तरह की क्षति का आंकलन कराने में सभी कर्मचारी फील्ड में काम कर रहे हैं रिपोर्ट मिलते ही शासन द्वारा तय राशि डीबीटी के माध्यम से खातों में भेजी जाएगी।

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