डग्गामार वाहनों के आगे बेबस परिवहन विभाग, अनुबंधित बस मालिक बर्बादी की कगार पर
लखीमपुर खीरी Aug 21, 2026 at 05:40 PM , 2लखीमपुर खीरी।जनपद में डग्गामार और अवैध वाहनों का राज इस कदर हावी है कि वैध बस संचालकों का दम घुटता जा रहा है। हाल ही में अनुबंधित बसों की हड़ताल के बाद भी जमीनी हालात में कोई सुधार नहीं आया है। लखीमपुर से लखनऊ मार्ग पर रोजाना परिवहन निगम (रोडवेज) को लाखों रुपये के राजस्व की चपत लग रही है, जबकि अवैध डग्गामार वाहन धड़ल्ले से सवारियां भरकर मालामाल हो रहे हैं।
रोडवेज बसें चल रही खाली, मालिकों के छूटे पसीने
अवैध बसों और टैक्सियों के कारण अनुबंधित रोडवेज बसें खाली दौड़ने को मजबूर हैं। बिना किसी आय के रोडवेज और अनुबंधित बस मालिकों को हर दिन लाखों का भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। हालात इतने बदतर हो चुके हैं कि अनुबंधित बस यूनियन के पदाधिकारियों की आर्थिक स्थिति खस्ताहाल हो गई है। बस मालिकों के लिए डीजल का खर्च निकालना भी एक बड़ी चुनौती बन गया है।
एलआरपी चौराहे पर खुलेआम अवैध वसूली, पुलिस मौन
शहर के प्रमुख एलआरपी चौराहे पर यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए अवैध बसें और टैक्सियां सरेआम सवारियां भरती हैं। हैरानी की बात यह है कि यातायात पुलिस और परिवहन विभाग इन अवैध वाहनों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं करता। स्थानीय बस मालिकों का आरोप है कि आरटीओ की जांच सिर्फ खानापूर्ति तक सीमित है।
वैध संचालकों पर चालान की मार, अवैध को खुली छूट
अनुबंधित बस यूनियन के मालिकों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि जहां एक तरफ नियमों का पालन करने वाली वैध अनुबंधित बसों के लंबे-लंबे चालान काट दिए जाते हैं, वहीं दूसरी तरफ अवैध रूप से चल रहे डग्गामार वाहनों को खुली छूट मिली हुई है। प्रशासन के इस दोहरे रवैये के कारण अनुबंधित बस यूनियन के मालिक बेहद परेशान हैं और क्षेत्र में एक बार फिर से बड़ी हड़ताल की सुगबुगाहट तेज हो गई है।अगर समय रहते परिवहन विभाग और पुलिस प्रशासन ने इन अवैध डग्गामार वाहनों पर नकेल नहीं कसी, तो वैध परिवहन व्यवस्था पूरी तरह ठप हो जाएगी और सरकार को मिलने वाले राजस्व का यह नुकसान और बड़ा रूप ले लेगा।































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