इंटर कॉलेज में छात्राओं से छेड़छाड़ के बाद बवाल, प्रबंधक ने दबाने का किया प्रयास
लखीमपुर खीरी Jul 31, 2026 at 05:30 PM , 43"कॉलेज की बदनामी होगी" कहकर रोकी पुलिस कार्रवाई, छात्रों ने लगाया लापरवाही का आरोप
(हरिशंकर मिश्र)
*लखीमपुर-खीरी।* इंटर कॉलेजों में भी अनुशासनहीनता और छेड़छाड़ की घटनाएं बढ़ने लगी हैं। *ब्लॉक फूलबेहड़ के ज्ञानपुर स्थित एसके इंटर कॉलेज* में बीते दिवस हुई छेड़छाड़ की घटना और उसके बाद हुए बवाल ने पूरे क्षेत्र में आक्रोश पैदा कर दिया है।
पीड़ित छात्रा के अनुसार दूसरे समुदाय के कुछ छात्रों ने उसके साथ छेड़छाड़ की। छात्रा ने इसकी जानकारी अपने क्षेत्र के छात्रों को दी। जब छात्रों ने दूसरे समुदाय के छात्रों को समझाने का प्रयास किया तो विवाद बढ़ गया। आरोप है कि दूसरे समुदाय के छात्रों ने कई छात्रों को *स्कूल के गेट पर पीटा*। इसकी जानकारी किसी ने पुलिस चौकी महेवागंज को दी।
सूचना पर *पुलिस चौकी महेवागंज* की पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों समुदाय के छात्रों को पकड़कर ले गई। इसके बाद विद्यालय के प्रबंधक को बुलाया गया।
सूत्रों के अनुसार प्रबंधक ने पुलिस से कहा कि _"यह मामला मेरे कॉलेज का है, आप कार्यवाही न करें। नहीं तो मेरे कॉलेज की बदनामी होगी। मैं दोनों समुदाय के छात्रों को समझा-बुझाकर मामले को शांत कर लूंगा।"_
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस स्कूल में *हर रोज गेट के बाहर झगड़े का माहौल* रहता है। कुछ छात्रों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जब उन्होंने पहले भी प्रबंधक को घटना की जानकारी दी तो उन्होंने कहा था _"छात्रों को लड़ने दीजिए, मुझे कोई मतलब नहीं है।"_
संवाददाता ने विद्यालय के बोर्ड पर दिए गए मोबाइल नंबर *7473 7713 26* पर तीन बार फोन किया, लेकिन प्रबंधक ने फोन नहीं उठाया।
छात्राओं ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि _"हमारा आखिरी साल है, इसलिए हम अपनी पढ़ाई बर्बाद नहीं करना चाहते लेकिन जब हम यहां से जाएंगे तब इसका प्रचार करेंगे कि अगर बालिकाएं सुरक्षित रहना चाहती हैं तो अपना नाम इस विद्यालय में न लिखाएं।"_
इस पूरी घटना से साफ है कि विद्यालय प्रबंधन की लापरवाही से दोनों समुदाय के छात्रों के बीच तनाव बढ़ रहा है और छात्राओं की सुरक्षा खतरे में है। मामले की गंभीरता को देखते हुए
अभिभावकों और स्थानीय लोगों ने *डीएम और जिला विद्यालय निरीक्षक* से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और कॉलेज में छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।































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