न्यायालय के आदेश की आड़ में दबंगों ने किया पट्टे की जमीन पर कब्जा, पीड़ित परिवार दर-दर
लखीमपुर खीरी Jul 11, 2026 at 06:22 PM , 52लखीमपुर खीरी।
न्यायालय के आदेश का दुरुपयोग कर दबंगों ने ग्राम पंचायत महेवा, ग्राम बुढ़नापुर की गाटा संख्या 443 पर बने 5 कमरे और दो बड़े बरामदे वाले मकान पर जबरन कब्जा कर लिया। पीड़ित परिवार घर से बेघर होकर न्याय की गुहार लगा रहा है।ग्राम बुढ़नापुर निवासी 54 वर्षीय शारिक हुसैन जैदी पुत्र स्व0 अनवर हुसैन ने जिला अधिकारी को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उनके नाम दिनांक 30-08-1994 के पट्टे द्वारा ग्राम समाज की भूमि गाटा संख्या 443, क्षेत्रफल 23522 वर्ग फीट पर मकान बना है। इसी मकान में वह अपने परिवार के साथ रहते थे। उनके दोनों भाई अपना हिस्सा बेचकर लखीमपुर शहर में रह रहे हैं।पीड़ित का आरोप है कि मोहल्ला काशीनगर निवासी मनीष जैन व विनय जैन पुत्रगण धर्मचन्द्र ने उनकी मृतक माताजी नजमा परवीन को उनके जीवनकाल में ही किराएदार दिखाकर मुकदमा संख्या 795/2013 न्यायालय में दायर किया था। जबकि नजमा परवीन सन 1971 से शिक्षिका थीं और 06-09-2019 को उनका देहांत हो गया। उनके नाम कोई पट्टा, भूमि या मकान नहीं था। इसी गाटा के दूसरे पट्टाधारक सत्यनारायण का केस 23.09.2025 को न्यायालय से जीत गए।शारिक हुसैन ने कहा कि सबसे बड़ा सवाल यह है कि गाटा संख्या 431 पर सिर्फ खेत है, कोई मकान नहीं है। फिर नजमा परवीन उस खेत की किराएदार कैसे हो गईं। न्यायालय का आदेश भी गाटा 431 के संबंध में था। उसी आदेश की आड़ में 06-07-2026 को उनकी गैरमौजूदगी में गाटा 443 पर बने उनके पूरे मकान पर कब्जा कर लिया गया। विरोध करने पर दस्तावेज दिखाने के बाद भी नहीं सुना गया।पीड़ित ने बताया कि मनीष जैन अपने खेत गाटा 431 को शारदानगर रोड से जोड़कर प्लाटिंग करने की साजिश रच रहा है। वह अब मकान को ध्वस्त कर समतल कर साक्ष्य मिटाना चाहता है। इस सदमे के कारण प्रार्थी की माताजी और पत्नी की मृत्यु हो गई। बड़ी बेटी की मानसिक स्थिति भी ठीक नहीं है। वह दो जवान बेटियों और एक बेटे के साथ दर-दर भटक रहा है।शारिक हुसैन ने डीएम से गाटा 443 के राजस्व अभिलेखों, पट्टे व मौके की उच्च स्तरीय जांच कराने, लेखपाल पंकज तोमर, मनीष जैन, विनय जैन व वासिर उर्फ नासिर की मिलीभगत की जांच कराने और अवैध कब्जा हटवाकर उन्हें उनका मकान वापस दिलाने की मांग की है।






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