सूबे के मुखिया के आदेशों की उड़ रही धज्जियां, भ्रष्टाचार के आरोपों पर घिरे बीडीओ सदर नहीं उठाते फोन
लखीमपुर खीरी Aug 23, 2026 at 06:55 PM , 27लखीमपुर खीरी।उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देशों के बावजूद लखीमपुर खीरी जिले के विकास खंड लखीमपुर सदर में सरकारी तंत्र बेलगाम नजर आ रहा है। मुख्यमंत्री का साफ आदेश है कि सभी प्रशासनिक अधिकारी जनता और जनप्रतिनिधियों का फोन उठाएं और उनकी समस्याओं का त्वरित निस्तारण करें। लेकिन लखीमपुर सदर के खंड विकास अधिकारी संदीप कुमार पर इन आदेशों का कोई असर नहीं दिख रहा है। विकास खंड में चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार और घटिया सामग्री के गंभीर आरोप लग रहे हैं, लेकिन जिम्मेदारी से बचने के लिए बी डी ओ साहब ने फोन से दूरी बना ली है।
निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार और खराब गुणवत्ता के आरोप
लखीमपुर सदर विकास खंड क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली कई ग्राम पंचायतों में इन दिनों विकास कार्यों की गुणवत्ता को लेकर क्षेत्र में भारी आक्रोश है।कटिया मझरा झसिया ग्राम पंचायत कटिया मझरा झसिया में बनाई जा रही सड़क के निर्माण में घटिया सामग्री के इस्तेमाल और मानकों की अनदेखी के आरोप लग रहे हैं।लीलाकुआँ हाट बाजार,लीलाकुआँ हाट बाजार में चल रहे निर्माण कार्य की गुणवत्ता भी बेहद खराब बताई जा रही है वही ग्राम पंचायत महम्मदाबाद के मजरा गजनीपुर में हो रहे सड़क निर्माण में मनको को दरकिनार किया जा रहा है।जिसे लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी है।पत्रकारों और जनता से दूरी, पोल खुलने का डरइन निर्माण कार्यों में हो रही धांधली को लेकर जब मीडिया कर्मियों और स्थानीय लोगों ने हकीकत जानने के लिए खंड विकास अधिकारी संदीप कुमार से संपर्क करने की कोशिश की, तो उन्होंने बार-बार कॉल करने के बाद भी फोन रिसीव नहीं किया। ग्रामीणों का कहना है कि जब लोकतंत्र के चौथे स्तंभ यानी पत्रकारों का फोन अधिकारी नहीं उठा रहे, तो आम जनता की सुनवाई कैसे होती होगी। क्षेत्र में चर्चाएं तेज हैं कि निर्माण कार्यों में हुए बड़े घोटाले और भ्रष्टाचार की पोल न खुल जाए, इसी डर से बीडीओ साहब फोन उठाने से कतरा रहे हैं।मुख्यमंत्री के 'जीरो टॉलरेंस' और जनसुनवाई के दावों को ठेंगा दिखा रहे ऐसे अधिकारियों के रवैये से शासन की छवि धूमिल हो रही है। ग्रामीणों ने अब इस मामले में जिला प्रशासन और सूबे के मुखिया से हस्तक्षेप कर जांच कराने और दोषी अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।






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