सीएमओ कार्यालय में अग्निशमन विभाग ने दिया फायर सेफ्टी का प्रशिक्षण *अधिकारियों-कर्मचारियों ने सीखा आग बुझाने का गुर*
लखीमपुर खीरी Jun 27, 2026 at 06:54 PM , 13लखीमपुर खीरी।सरकारी कार्यालयों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और घरों में अचानक लगने वाली आग की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण पाने के उद्देश्य से शनिवार को सीएमओ कार्यालय परिसर में एक विशेष प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। अग्निशमन विभाग के अधिकारियों द्वारा सीएमओ कार्यालय के समस्त अधिकारियों और कर्मचारियों को आग बुझाने तथा विभिन्न फायर इक्विपमेंट (अग्निशमन उपकरणों) को संचालित करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान कर्मचारियों ने स्वयं भी सिलेंडर की आग को बुझाकर अपनी तत्परता को परखा।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संतोष गुप्ता ने बताया कि किन्हीं भी कारणों से सरकारी कार्यालयों, निजी दफ्तरों या घरों में आग लग सकती है। उन्होंने मुख्य कारणों का जिक्र करते हुए कहा कि बिजली के तारों का पुराना होना या ओवरलोडिंग के कारण शॉर्ट सर्किट होना। घरेलू गैस सिलेंडर में रेगुलेटर या पाइप लीक होना। दफ्तरों या घरों में ज्वलनशील पदार्थों का असुरक्षित रख-रखाव।जलती हुई बीड़ी-सिगरेट या माचिस की तीली लापरवाही से फेंक देना आदि ऐसे कारण है जिनसे आग लग सकती है।
अग्निशमन विभाग के एफएसएस एसओ प्रदीप कुमार व एफएम हेमंत कुमार ने कार्यालयों में स्थापित मुख्य उपकरणों की जानकारी दी और आग बुझाने के तरीके बताएं। जिसमें एबीसी ड्राई पाउडर फायर एक्सटिंग्विशर (Dry Powder Extinguisher): यह बहुउद्देशीय सिलेंडर होता है, जो सामान्य आग, लिक्विड और बिजली की आग पर काबू पाने में काम आता है।
सीओटू (कार्बन डाइऑक्साइड) एक्सटिंग्विशर: यह विशेष रूप से कंप्यूटर, सर्वर रूम और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में लगी आग को बिना नुकसान पहुंचाए बुझाने के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है।
*घरेलू गैस सिलेंडर की आग बुझाने का तरीका*
प्रशिक्षण में लाइव डेमो के जरिए बताया गया कि यदि रसोई गैस सिलेंडर में आग लग जाए, तो घबराने के बजाय एक गीले सूती कंबल, बोरी या चादर से सिलेंडर को चारों तरफ से कसकर ढक दें, या फिर मोटा गीला कपड़ा तेजी से नोजल पर एक बार झटके से मारे जिससे ऑक्सीजन की सप्लाई कट हो जाएगी और आग तुरंत बुझ जाएगी। इसके बाद रेगुलेटर को बंद कर दें।
*आग लगने पर क्या करें और क्या न करें?*
*क्या करें:*
आग लगते ही तुरंत शोर मचाकर सबको सचेत करें और फायर ब्रिगेड (101) को सूचना दें।
भवन से बाहर निकलने के लिए हमेशा एग्जिट (Exit) गेट और आपातकालीन रास्तों की जानकारी रखें। धुआं होने पर जमीन के नजदीक झुककर या रेंगकर बाहर निकलें, क्योंकि शुद्ध हवा नीचे होती है।
*क्या न करें:*
किसी भी बहुमंजिला इमारत या दफ्तर में आग लगने पर लिफ्ट या एलिवेटर का प्रयोग कतई न करें, हमेशा सीढ़ियों का ही इस्तेमाल करें।
भगदड़ न मचाएं और न ही किसी संकीर्ण रास्ते में सामान छोड़कर रास्ता ब्लॉक करें।
*प्रशिक्षण में इन अधिकारियों की रही मौजूदगी*
अग्निशमन विभाग के इस सराहनीय प्रयास और जीवंत प्रदर्शन के दौरान स्वास्थ्य विभाग के तमाम वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें मुख्य रूप से एसीएमओ डॉ. रवि मोहन गुप्ता, डिप्टी सीएमओ डॉ. प्रमोद वर्मा, डिप्टी सीएमओ डॉ. प्रमोद रावत, डिप्टी सीएमओ डॉ. रवि सिंह, डॉ. भरत सिंह सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने विषम परिस्थितियों में सुरक्षित बाहर निकलने और जनहानि रोकने के इस प्रशिक्षण को बेहद उपयोगी बताया।































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