नपाई के नाम पर किसान के खेत में अतिक्रमण, लेखपालों की शह से बढ़ा विवाद

लखीमपुर खीरी , 1

6 बीघा पुश्तैनी जमीन पर दबंगों की नजर, पीड़ित ने डीएम से लगाई इंसाफ की गुहार

(सुनहरा)

लखीमपुर-खीरी। तहसील लखीमपुर के गांव बाजार पुरवा, बसहा माफी में राजस्व कर्मियों की मिलीभगत से किसान आरिफ पुत्र वसीर अहमद की मुसीबत बढ़ती जा रही है। आरिफ की 6 बीघा पुश्तैनी जमीन गाटा संख्या 985, 986 पर नपाई के बहाने लगातार अतिक्रमण किया जा रहा है। 
दिनांक 22 जून 2024 को विपक्षी परमेश्वर अपने बेटों और हल्का लेखपाल-कानूनगो को साथ लेकर खेत पर पहुंचा और आरिफ के चाचा जाहिद की खड़ी गन्ने की फसल पर ट्रैक्टर चलवा दिया। एतराज जताने पर हरिजन एक्ट में फंसाने की धमकी दी गई। 112 पर इत्तिला के बाद पुलिस सभी को थाने ले गई। आरिफ ने आईजीआरएस संख्या 40015324020919 पर शिकायत दर्ज कराई तो 18 जुलाई 2024 को पूर्व लेखपाल रमाकान्त मौर्य ने चकमार्ग गाटा संख्या 987 में कब्जे का इल्जाम लगाकर एफआईआर दर्ज करा दी। इस मुकदमे में आरिफ के चाचा जेल जा चुके हैं, पिता सुरक्षित हैं। दरअसल चकमार्ग गाटा संख्या 982 व 991 तक नक्शे में दर्ज है। उसी पर विपक्षी राम आसरे व अनूप कुमार ने कब्जा कर फसल बो रखी है। रास्ता बंद होने से पीड़ित अपने खेत तक नहीं पहुंच पा रहा। 22 जून 2026 को एसडीएम को दी गई अर्जी की ऑनलाइन शिकायत संख्या 40015326031682 है। इससे पहले भी विपक्षियों ने गुप्त वाद दायर कर 13 अगस्त 2024 को एकतरफा हुक्म करा लिया था, जिसे अदालत ने बिना सुनवाई के पारित होने पर खारिज कर दिया। गांव वालों का इल्जाम है कि मौजूदा लेखपाल रामकृपाल तिवारी पूर्व प्रधान के रिश्तेदार हैं। पूर्व और मौजूदा लेखपाल की भूमिका शक के घेरे में है। दबाव बनाकर कागजों पर दस्तखत भी करा लिए गए। पीड़ित ने जिलाधिकारी से गुहार लगाई है कि गाटा संख्या 985, 986 की राजस्व अभिलेखों से निष्पक्ष पैमाइश कराई जाए। चकरोड जहां-जहां नक्शे में है, वहीं से निकलवाई जाए। साथ ही दोनों लेखपालों की भूमिका की तहकीकात कराकर झूठे मुकदमों से निजात दिलाई जाए, ताकि परिवार अपनी जमीन पर सुकून से खेती कर सके।

Related Articles

Comments

Back to Top