नशा मुक्ति अभियान और हकीकत के बीच फंसी युवा पीढ़ी..!

लखीमपुर खीरी , 6

मैंगलगंज, खीरी ! एक ओर देशभर में नशा मुक्त भारत अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम और हस्ताक्षर अभियान चलाए जा रहे हैं, सूत्रों के अनुसार
वहीं दूसरी ओर कस्बा क्षेत्र के कुछ मेडिकल स्टोरों एवं अन्य दुकानों पर कथित रूप से नशीली दवाओं की खुलेआम बिक्री होने से अभियान की गंभीरता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
नशे की बढ़ती प्रवृत्ति का सबसे बड़ा शिकार युवा वर्ग बन रहा है। आसानी से उपलब्ध नशीले पदार्थ युवाओं को धीरे-धीरे अपनी गिरफ्त में ले रहे हैं, जिससे उनका भविष्य अंधकारमय होता जा रहा है। नशा केवल व्यक्ति ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है। घरेलू कलह, अपराध, सड़क दुर्घटनाएं और सामाजिक विघटन जैसी अनेक समस्याओं के पीछे नशा एक प्रमुख कारण बन चुका है।
चिंता का विषय यह है कि जब तक अभिभावकों को अपने बच्चों की स्थिति का एहसास होता है, तब तक कई बार बहुत देर हो चुकी होती है। इसलिए परिवार, समाज और प्रशासन सभी को मिलकर इस समस्या के खिलाफ प्रभावी कदम उठाने होंगे।
क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि मेडिकल स्टोरों एवं अन्य स्थानों पर नशीली दवाओं की बिक्री की सघन जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। साथ ही युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के लिए व्यापक जनजागरण अभियान चलाया जाए।
यदि हमें आने वाली पीढ़ी को सुरक्षित, स्वस्थ और संस्कारित समाज देना है, तो नशे के सौदागरों पर सख्त कार्रवाई और नशामुक्ति के प्रति सामूहिक संकल्प समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

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