*वृद्ध की रुकी पेंशन चालू कराने को डीएम खुद बने सहारा, दफ्तरों में कसा अनुशासन का शिकंजा*
लखीमपुर खीरी Jun 12, 2026 at 05:58 PM , 9*विकास भवन की हरियाली पर डीएम ने जताई प्रसन्नता, वरिष्ठ सहायक बृजेश अवस्थी को मिली शाबाशी*
*जनसमस्याओं के त्वरित समाधान के साथ डीएम ने परखी ऑनलाइन उपस्थिति व्यवस्था*
लखीमपुर खीरी, 12 जून। विकास भवन के औचक निरीक्षण में डीएम अंजनी कुमार सिंह का संवेदनशील, सख्त प्रशासनिक चेहरा एक साथ देखने को मिला। समाज कल्याण विभाग में निरीक्षण के दौरान शहर के निर्मल नगर निवासी वृद्ध सूरज प्रसाद वर्मा ने कई माह से वृद्धावस्था पेंशन न मिलने की शिकायत डीएम से की। मामला गंभीरता से लेते हुए डीएम ने तत्काल संबंधित कर्मचारियों से जानकारी ली। जांच में पता चला कि ई-केवाईसी न होने के कारण पेंशन रुकी हुई थी।
इस पर डीएम ने मौके पर ही स्वयं खड़े होकर कनिष्ठ सहायक हेमंत कुमार से वृद्ध की ई-केवाईसी कराई और आवश्यक प्रपत्र उपलब्ध कराते हुए समस्या का तत्काल समाधान कराया। डीएम की तत्परता से वृद्ध के चेहरे पर राहत और संतोष दिखाई दिया।
निरीक्षण के दौरान विकास भवन परिसर में हरियाली और स्वच्छ वातावरण देखकर डीएम ने प्रसन्नता व्यक्त की। इस कार्य के लिए वरिष्ठ सहायक/ स्टेनो सीडीओ बृजेश अवस्थी की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए कहा कि सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता और हरित वातावरण सकारात्मक कार्य संस्कृति का परिचायक है।
मत्स्य विभाग के निरीक्षण में डीएम ने पाया कि एक कनिष्ठ सहायक लखनऊ से लौटकर कार्यालय पहुंचा है। कारण पूछने पर कर्मचारी ने बताया कि आहरण-वितरण संबंधी कार्यों के लिए मंडल स्तर पर जाना पड़ता है। इस पर डीएम ने व्यवस्था को सरल बनाने के लिए जिला स्तर पर ही आहरण-वितरण का चार्ज सक्षम अधिकारी को दिए जाने संबंधी पत्रावली प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
डीएम ने पंचायत राज, अर्थ एवं संख्याधिकारी, दिव्यांगजन सशक्तीकरण, कृषि, सहकारिता, लघु सिंचाई, मनरेगा, ग्राम्य विकास, बाल विकास एवं पुष्टाहार, मत्स्य, पशुपालन, आरईएस तथा पिछड़ा वर्ग कल्याण विभागों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कर्मचारियों से उनके कार्य दायित्वों की जानकारी ली और ऑनलाइन उपस्थिति व्यवस्था की समीक्षा की। कर्मचारियों ने अपने मोबाइल फोन पर ऑनलाइन अटेंडेंस का विवरण दिखाकर उपस्थिति की पुष्टि की।
निरीक्षण के दौरान डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी कर्मचारी शत-प्रतिशत ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराएं। उन्होंने चेतावनी दी कि ऑनलाइन अटेंडेंस में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और उपस्थिति दर्ज न होने पर वेतन भुगतान प्रभावित होगा।































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