यूपी विधानसभा के प्रमुख सचिव प्रदीप दुबे पर भ्रष्टाचार के आरोप, हजरतगंज कोतवाली में मुकदमा दर्ज करने की मांग

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पूर्व सूचना अधिकारी कर्मेश प्रताप सिंह ने दी तहरीर, भ्रष्टाचार, कूटरचना और पद के दुरुपयोग सहित कई गंभीर आरोप लगाए


लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा के प्रमुख सचिव प्रदीप दुबे की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। लखनऊ के हजरतगंज कोतवाली में उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किए जाने की मांग को लेकर एक विस्तृत तहरीर दी गई है। यह तहरीर विधानसभा के पूर्व सूचना अधिकारी कर्मेश प्रताप सिंह द्वारा दी गई है, जिसमें भ्रष्टाचार, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने, पद के दुरुपयोग, फर्जी शपथ पत्र दाखिल करने और गलत अभिलेख प्रस्तुत करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
तहरीर में दावा किया गया है कि विधानसभा से जुड़े कुछ अन्य अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध रही है। शिकायतकर्ता ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) समेत अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच कराए जाने की मांग की है।
गौरतलब है कि बीते 5 जून को लखनऊ हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच में प्रमुख सचिव प्रदीप दुबे से संबंधित एक याचिका पर सुनवाई हुई थी। इसके बाद से उनका नाम लगातार चर्चा में बना हुआ है। अब उनके खिलाफ पुलिस में तहरीर दिए जाने से मामला और अधिक सुर्खियों में आ गया है।
शिकायतकर्ता कर्मेश प्रताप सिंह का कहना है कि हाईकोर्ट में दाखिल याचिका ‘क्वो वारंटो’ (Quo Warranto) प्रकृति की है, जिसमें प्रदीप दुबे की नियुक्ति की वैधता और पद पर बने रहने के अधिकार को चुनौती दी गई है। वहीं, हजरतगंज कोतवाली में दी गई तहरीर का संबंध कथित भ्रष्टाचार और प्रशासनिक अनियमितताओं से है, जो अलग विषय है।
फिलहाल पुलिस द्वारा तहरीर प्राप्त किए जाने के बाद मामले की जांच और आगे की कार्रवाई पर नजरें टिकी हुई हैं। वहीं, आरोपों को लेकर प्रमुख सचिव प्रदीप दुबे की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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