जो गाय को दुःख देगा सो स्वयं भी सुखी न रहेगा।

लखीमपुर खीरी , 57

लखीमपुर खीरी।जो गाय को दुःख देगा सो स्वयं भी सुखी न रहेगा। गायों को सताना नहीं चाहिए। देवता और मनुष्य दोनों गोमाता के आश्रित जीते हैं।गाय के नष्ट होने पर न मनुष्य जीवित रहेंगे और न देवता। अतः गायों का संरक्षण करना हर देशवासी का कर्तव्य है। सत्कर्म ही मनुष्य का कर्तव्य है।जो दूसरों का सम्मान नहीं करते उन्हें स्वयं भी मान नहीं मिलता। सदाचारी लोगों के साथ रहो।सांप की तरह दुराचारियों से भी दूर रहो। मित्र वह है जो मित्र की भलाई करे। कुमार्ग से बचाकर सन्मार्ग पर ले चलना सबसे बड़ी नेकी है। अपनी देह से किसी प्राणी को कष्ट न पहुंचाओ। उक्त विचार हैं श्री वेदमाता गायत्री प्रचार समिति के संस्थापक अध्यक्ष यज्ञाचार्य पं राजेश दीक्षित के जिन्होंने नकहा खंड विकास के ग्राम रौली रामापुर शारदा नगर रोड पर श्री वेदमाता गायत्री प्रज्ञा पीठ पर पांच कुण्डीय गायत्री महायज्ञ के पांचवें दिन महायज्ञ की पूर्णाहुति कराते हुए कहे। महायज्ञ का समापन भन्डारे व प्रसाद वितरण के साथ किया गया। महायज्ञ में पं अवधेश त्रिवेदी, अवधेश बाजपेई, अभिनव बाजपेई ने गीत संगीत देकर श्रद्धालुओं को आनन्दित किया। महायज्ञ समापन अवसर पर नकहा खंड विकास प्रमुख पवन गुप्ता ने भी भाग लिया। सायं इक्कीस सौ दीपकों को प्रज्वलित कर दीप महायज्ञ किया गया। इस अवसर पर पुंसवन,नामकरण, विद्यारंभ,दीक्षा सहित अनेक संस्कार संपन्न कराये गये तथा कई लोगों ने नशा न करने का संकल्प लिया। महायज्ञ में पूर्व प्रधान शोभा शर्मा, रामगोपाल शर्मा, ग्राम प्रधान राम लखन,ब्रह्मादीन सहित सभी परिजनों ने सहयोग किया। महायज्ञ में विश्व शांति एवं राष्ट्र शांति हेतु गायत्री मंत्र की आहुतियां सैकड़ों परिजनों ने दी।

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