टेलीग्राम पर ‘पेपर लीक’ का झांसा देकर लाखों की ठगी करने वाले गैंग का सरगना गिरफ्तार, STF की बड़ी कार्रवाई
अन्य खबरे Jun 06, 2026 at 09:15 PM , 39UP CNET समेत कई प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने का फर्जी दावा कर अभ्यर्थियों से वसूले जाते थे रुपये, लखनऊ से दबोचा गया मास्टरमाइंड।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक कराने के नाम पर सोशल मीडिया के माध्यम से ऑनलाइन ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश करते हुए उसके सरगना को गिरफ्तार किया है। आरोपी टेलीग्राम पर फर्जी चैनल बनाकर विभिन्न राज्यों की प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र और उत्तर पुस्तिका उपलब्ध कराने का झांसा देकर अभ्यर्थियों से धन उगाही करता था।
एसटीएफ के अनुसार गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान ओम कुमार पुत्र सागर साव, निवासी वेस्ट पंडरक, पटना (बिहार) के रूप में हुई है। उसके कब्जे से दो मोबाइल फोन और दो आधार कार्ड बरामद किए गए हैं। आरोपी को 6 जून 2026 की शाम थाना सुशांत गोल्फ सिटी क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया।
जांच में सामने आया कि आरोपी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों में आयोजित होने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं के नाम पर टेलीग्राम पर फर्जी चैनल संचालित कर रहा था। वह “UP CNET OUT QUESTION PRIVATE CHANNEL”, “@Gauravsirofficials” तथा “@Youandmooon” जैसे चैनलों के माध्यम से परीक्षा से एक दिन पहले प्रश्नपत्र और उत्तर पुस्तिका उपलब्ध कराने का दावा करता था।
एसटीएफ को सूचना मिली थी कि अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल यूनिवर्सिटी, लखनऊ द्वारा आयोजित UP CNET परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने का फर्जी प्रचार कर अभ्यर्थियों से दो-दो हजार रुपये की वसूली की जा रही है। इस संबंध में परीक्षा नियंत्रक की शिकायत पर थाना सुशांत गोल्फ सिटी में बीएनएस एवं आईटी एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था।
पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी अपने टेलीग्राम चैनलों पर विभिन्न QR कोड भेजकर परीक्षार्थियों से रकम ऑनलाइन जमा करवाता था। अभिसूचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर एसटीएफ ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसके बाद उसकी संलिप्तता की पुष्टि होने पर गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वर्ष 2022 से वह अपने साथियों के साथ मिलकर विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक होने का फर्जी दावा करता था। गिरोह जानबूझकर 2 से 3 हजार रुपये जैसी कम राशि मांगता था ताकि अभ्यर्थी आसानी से विश्वास कर लें और भुगतान कर दें। परीक्षा के दिन चैनल बंद कर दिए जाते थे और फिर किसी नई परीक्षा के नाम से नया चैनल बनाकर ठगी का सिलसिला शुरू कर दिया जाता था।
एसटीएफ अधिकारियों के अनुसार छोटी धनराशि होने के कारण अधिकांश पीड़ित कानूनी शिकायत दर्ज नहीं कराते थे, जिसका फायदा उठाकर गिरोह लंबे समय से सक्रिय था। आरोपी से मिली जानकारी के आधार पर ऐसे अन्य गिरोहों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
फिलहाल आरोपी को थाना सुशांत गोल्फ सिटी में दर्ज मुकदमे में न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है। एसटीएफ ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पेपर लीक या प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने के दावों पर विश्वास न करें और ऐसी गतिविधियों की तत्काल सूचना पुलिस को दें।



























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