*लखीमपुर में स्थानांतरण नीति की उड़ रही धज्जियां, सालों से एक ही पद पर जमे अधिकारी*

लखीमपुर खीरी , 64

*सीएमओ 4 साल, पसगवां सीएचसी अधीक्षक 5 साल से एक ही कुर्सी पर, अवैध अस्पतालों को संरक्षण का आरोप*  

(शाजिफ हुसैन)

*लखीमपुर खीरी।* उत्तर प्रदेश सरकार की जीरो टॉलरेंस और सख्त स्थानांतरण नीति को लखीमपुर खीरी का स्वास्थ्य विभाग ठेंगा दिखा रहा है। शासन के स्पष्ट आदेश हैं कि कोई भी अधिकारी एक पद और एक स्थान पर अधिकतम 3 वर्ष ही सेवा दे सकता है, लेकिन जिले के आला अफसर इस नियम को दरकिनार कर कुर्सियों से चिपके हुए हैं।  

 सूत्रों के अनुसार लखीमपुर खीरी के सीएमओ को वर्तमान पद पर लगभग 4 वर्ष पूरे हो रहे हैं। वहीं पसगवां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक तो पिछले 5 वर्षों से एक ही जगह पर डटे हुए हैं। जबकि प्रदेश के 23 जिलों में मुख्य चिकित्सा अधिकारियों के तबादले कर दिए गए, लखीमपुर में स्थिति जस की तस है।  

बताया जाता है कि यदि किसी अधिकारी का तबादला होता भी है, तो वह राजनीतिक या अन्य रसूख का जुगाड़ लगाकर उसे रुकवा लेता है। स्थानांतरण के संबंध में सरकार के सख्त निर्देशों की जिले में खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। सूत्रों का दावा है कि इस दीर्घकालिक तैनाती के पीछे विभिन्न कारणों से होने वाली मोटी कमाई है। आरोप है कि पसगवां सीएचसी अधीक्षक के संरक्षण में मैगलगंज, औरंगाबाद, जेबीगंज और बरवर क्षेत्र में दर्जनों अवैध क्लीनिक और झोलाछाप डॉक्टर बेखौफ होकर जनता को लूट रहे हैं।  
इसका सबसे बड़ा उदाहरण मैगलगंज-औरंगाबाद रोड पर स्थित 'नीरज मेडिकल स्टोर' है। यह कथित मेडिकल स्टोर पिछले दो वर्षों में कम से कम तीन बार सीज किया जा चुका है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की मेहरबानी से सीज होने के दो-तीन दिन बाद ही दोबारा खुल जाता है। नाम केवल मेडिकल स्टोर का है, लेकिन इसके पीछे बिना पंजीकरण के एक बड़ा अवैध अस्पताल संचालित हो रहा है।  

*किसान संगठन खोलेंगे मोर्चा:* स्वास्थ्य विभाग की इस मनमानी और भ्रष्टाचार के खिलाफ अब स्थानीय किसान संगठनों ने मोर्चा खोल दिया है। किसान नेताओं का कहना है कि वे जल्द ही लखनऊ जाकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करेंगे और लखीमपुर खीरी के इन अधिकारियों की शिकायत कर कड़ी कार्रवाई की मांग करेंगे।

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