अनाथालय की कीमती भूमि पर दबंगों ने रातों-रात कर डाला पक्का निर्माण

लखीमपुर खीरी , 25

लखीमपुर खीरी:चौकी पुलिस पर मूक संरक्षण का आरोप, लोकतंत्र सेनानी के वृद्ध परिवार ने लगाई पुलिस अधीक्षक से गुहार।अविभाजित संपत्ति पर स्वामित्व का अंतिम निर्णय हाईकोर्ट में आना अभी शेष, फिर भी प्रशासनिक शह पर बदला जा रहा भौतिक स्वरूप। जनपद के सदर कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत मेला रोड संकटा देवी स्थित दशकों पुराने धर्मार्थ संस्थान 'श्री जयेन्द्र बाल एवं महिला सदन' अनाथालय की बेसकीमती भूमि और दुकानों पर भू-माफियाओं द्वारा कब्जा करने का एक सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। आरोप है कि माननीय उच्च न्यायालय इलाहाबाद (लखनऊ खंडपीठ) द्वारा संपूर्ण परिसर के बेदखली आदेश पर स्पष्ट स्थगन प्रभावी होने के बावजूद, स्थानीय संकटा देवी चौकी पुलिस की साठगांठ से दबंगों ने 'बज्रंग स्टोर' दुकान के सामने पक्की नाली और इंटरलॉकिंग फर्श का अवैध निर्माण पूर्ण कर लिया है।
मृत किरायेदार के वारिस से सांठ-गांठ कर रचा फर्जीवाड़ा
अनाथालय की प्रबंधक और लोकतंत्र रक्षक सेनानी की 70 वर्षीय वृद्ध विधवा श्रीमती अनारकली शुक्ला द्वारा पुलिस अधीक्षक को सौंपे गए शिकायती पत्र के अनुसार, विपक्षी गोविन्द प्रसाद गुप्ता पुत्र महावीर गुप्ता ने अनाथालय के एक पूर्व मृत किरायेदार निर्मल शर्मा के पुत्र अमन शर्मा के साथ विधिक साठगांठ की। अमन शर्मा को संस्था की संपत्ति का सौदा करने का कोई वैधानिक अधिकार नहीं था। इसके बावजूद न्यायालय को गुमराह करके पिछले दरवाजे से एक फर्जी सुलहनामा आदेश दिनांक 22.01.2026 पारित करा लिया गया। इस जालसाजी के खिलाफ अनाथालय प्रबंधन ने माननीय उच्च न्यायालय में अनुच्छेद 227 के तहत याचिका संख्या 3314/2026 योजित कर दी है, जो न्यायालय में विचाराधीन है।स्वामित्व पर फैसला शेष, फिर भी निरंतर हमले पीड़ित परिवार के विधिक पैरोकार अनुज कुमार शुक्ला ने बताया कि भूमि गाटा संख्या 1375 के मूल स्वामित्व का मुख्य विधिक प्रश्न वर्तमान में माननीय उच्च न्यायालय के समक्ष प्रथम अपील संख्या 149/2025 में लंबित है। संपत्ति पूरी तरह अविभाजित है। इसके बावजूद ग्रीष्मकालीन अवकाश का अनुचित लाभ उठाने के लिए विपक्षी गोविन्द प्रसाद ने अपने बेटों दिलीप, मनोज, अश्वनी, विनीत व दया सहित 5 प्राइवेट सिक्योरिटी गार्ड्स (बन्दूकधारियों) और 8-10 कर्मचारियों के बल पर अनाथालय पर हमला बोल दिया। विरोध करने पर वृद्ध महिला और उनके परिजनों को भद्दी गालियां देते हुए जान से मारने की धमकी दी गई। इससे पूर्व 13 अप्रैल 2026 को भी विपक्षियों ने अनाथालय की उत्तरी दीवार को ढहा दिया था।112 को बुलाने पर भी चौकी पुलिस ने नहीं रोका काम, निर्माण कराया पूर्ण पीड़ित पक्ष का आरोप है कि 25 मई को जब दिन-दहाड़े असलहों के बल पर इंटरलॉकिंग ईंटें गिराकर फर्श का निर्माण शुरू हुआ, तो तत्काल UP-112 को सूचित किया गया। मौके पर पहुँचे संकटा देवी चौकी के उपनिरीक्षक ने माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों का आदर करने के बजाय भ्रामक विधिक व्याख्या करते हुए दबंगों को मूक संरक्षण दिया, जिसके कारण आज यह अवैध निर्माण पूर्ण हो चुका है।पुलिस अधीक्षक ने दिए जांच के कड़े निर्देश मामले की गंभीरता और माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों की अवहेलना को देखते हुए पुलिस अधीक्षक खीरी ने इस प्रकरण को अत्यंत संज्ञान में लिया है। पीड़ित पक्ष को एसपी कार्यालय से तत्काल कोतवाली सदर के प्रभारी निरीक्षक से मिलकर विधिक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। पीड़ित परिवार का कहना है कि यदि स्थानीय प्रशासन ने भू-माफिया के इस अवैध निर्माण को ध्वस्त कर यथास्थिति बहाल नहीं की, तो वे माननीय उच्च न्यायालय के समक्ष न्यायिक अवमानना के तहत स्थानीय पुलिस अधिकारियों और भू-माफिया को कटघरे में खड़ा करेंगे।

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