यज्ञ से व्यक्ति महान बनता है

लखीमपुर खीरी , 53

 लखीमपुर खीरी।यज्ञीय जीवन ही सार्थक है।यज्ञ से ही व्यक्ति महान बनता है और समाज सुखी रह सकता है।सारी सृष्टि यज्ञ कर रही है। सूर्य दुनिया के लिए निरंतर तपता है। सागर अपना जल बादलों को देते हैं।वे बादल यज्ञभाव के साथ उसे धरती पर बरसाकर धरती की तपन को शीतलता प्रदान करते हैं।धरती माता को सींचते हैं । हिमालय निरंतर पिघल - पिघल कर धरती की प्यास बुझाने के लिए जलराशि नदियों को देता है, नदियां अहर्निश बहती रहती हैं। धरती माता अन्न उपजाती रहती हैं। जहां यज्ञभाव है, वहीं सुख - शांति है, प्रेम है, आनन्द है।यज्ञ जीवन जीने की कला है।यज्ञ का अर्थ है परमार्थ परायणता सर्वे भवंतु सुखिना की भावना और कामना के साथ अपने भाव विचार और कर्मों को समष्टिगत हित के लिए समर्पित कर देना। उक्त विचार हैं श्री वेदमाता गायत्री प्रचार समिति के संस्थापक अध्यक्ष यज्ञाचार्य पं राजेश दीक्षित जी के जिन्होंने नकहा खंड विकास के ग्राम रौली रामापुर शारदा नगर रोड पर श्री वेदमाता गायत्री प्रज्ञा पीठ पर पांच कुण्डीय गायत्री महायज्ञ कराते हुए गायत्री परिजनों से कहे।महायज्ञ में सैकड़ों परिजनों ने विश्व शांति हेतु गायत्री मंत्र से आहुतियां प्रदान की महायज्ञ में देव पूजन कराया पं अवधेश त्रिवेदी ने और गीत संगीत प्रस्तुत किया गायत्री परिवार परिव्राजक पं अवधेश बाजपेई,अभिनव बाजपेई व वैभव बाजपेई ने।महायज्ञ अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार के संस्थापक गुरुदेव पं श्री राम शर्मा आचार्य एवं परम वंदनीया माता भगवती देवी शर्मा के सूक्ष्म संरक्षण में श्री वेदमाता गायत्री प्रचार समिति के तत्वावधान में संपन्न किया जा रहा है।महायज्ञ में सभी ग्रामवासी व क्षेत्रवासियों का सहयोग प्राप्त हो रहा है।

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