‘विश्व माहवारी स्वच्छता दिवस’ पर कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित हुआ कार्यक्रम

लखीमपुर खीरी , 130

आओ खुलकर बात करें, इस गलत सोच को छोड़ने का संकल्प लें: डाॅ. प्रीति
सेनेटरी हाईजीन किट का हुआ वितरण

लखीमपुर खीरी । गुरूवार को विश्व माहवारी स्वच्छता दिवस के अवसर पर जनपद खीरी के कलेक्ट्रेट सभागार मे सेनेटरी हाईजीन किट का वितरण एवं महिला निजता स्वच्छता जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन उत्तर प्रदेश बाल संरक्षण आयोग की सदस्य डॉ प्रीति वर्मा की अध्यक्षता और जिलाधिकारी शैलेन्द्र सिंह की उपस्थिति एवं सामाजिक संस्था ‘‘सेव द चिल्ड्रेन’’के सहयोग से सोशल डिस्टेनसिंग से किया गया।
कोविड-19 वैश्विक महामारी के दौरान जहां आम जनमानस की आजीविका प्रभावित हुई है उसके सामने पोषण के साथ-साथ महिलाओं की निजी स्वच्छता का भी संकट आन खड़ा हुआ है। चूंकि महिलाएं किसी भी विषय मे अपने परिवार को प्राथमिकता देती है अतः इस आर्थिक तंगी के दौर में महिलाओं का स्वास्थ्य और स्वच्छता प्रभावित न हों इसलिए महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़े इस महत्वपूर्ण मुद्दे को बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने ‘‘सेव द चिल्ड्रन’’ स्वयं सेवी संस्था के सहयोग से समाज में जागरूकता और स्त्री से जुड़ी इस अनिवार्य अवस्था के प्रबंधन की जिम्मेदारी उठाई जा रही है। इनके तहत सेव द चिल्ड्रन ने 2000 साबुन और सैनिटरी नैपकिन्स की व्यवस्था की है।
बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सदस्य डॉ प्रीति वर्मा ने बताया कि इस विषय को गोपनीय रखने के कारण इससे अनेकों भ्रांतियां जुड़ गई हैं जिसका दुष्परिणाम भी महिलाओं और बालिकाओं को भुगतना पड़ता है। महावारी के दौरान उचित देखभाल सफाई और सही प्रबंधन ना होने के कारण तथा सामाजिक रूढ़ियों की वजह से यौन संक्रमण, रक्ताल्पता और अनेकों अनेक रोग झेलते हुए महिलाओं को प्रायः इस अज्ञानता की कीमत अपनी जान देकर चुकानी पड़ती है। सुखमय गृहस्थी का आधार और पुरुषों से कहीं अधिक जीवन संघर्ष की क्षमता रखने वाली नारी से जुड़े संवेदनशील मुद्दे पर जागरूकता लाने के लिए पुरुषों को भी आगे आना चाहिए।
जिला अधिकारी शैलेन्द्र कुमार सिंह ने बताया कि यह एक प्राकृतिक क्रिया है इसको बहुत ही सहज लेना चाहिए, महिलाओं और बालिकाओं को अपनी बात बिना किसी संकोच के करनी चाहिए। दूर दराज से आई हुए प्रवासी, आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को इस अभियान से उनकी निजी स्वच्छता प्रबंधन में सहायता मिलेगी।
कार्यक्रम के दौरान साथिया फाउंडेशन ने ‘‘बालिका निजता स्वच्छता जागरूकता’’ नामक कार्टून आधारित पुस्तक भेंट की जिससे शारीरिक और मानसिक बदलाव के दौर से गुजर रही किशोरवय बालिकाओं की जिज्ञासाओं को शांत कर दृढ़ कदमों से आगे बढ़ने की प्रेरणा देगी।
जिला प्रोबेशन अधिकारी संजय कुमार निगम ने बताया कि इस दिवस का उद्देश्य समाज में फैली मासिक धर्म सम्बन्धी गलत अवधारणाओं को दूर करना, महिलाओं और किशोरियों को माहवारी प्रबंधन सम्बन्धी सही जानकारी देना है। 28 मई की तारीख निर्धारित करने के पीछे मकसद है कि मई वर्ष का पांचवा महीना होता है। यह अमूमन प्रत्येक 28 दिनों के पश्चात होने वाले स्त्री के पांच दिनों के मासिक चक्र का परिचायक है।
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ0 अश्वनी ने बताया कि महिलाओं और किशोरियों को माहवारी के दौरान कई प्रकार की चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। महिलाओं और किशोरियों को दिक्कतों का सामना न करना पड़े, इसलिए हर वर्ष 28 मई को विश्व मासिक स्वच्छता दिवस मनाया जाता है। उन्होनें हाथ धुलने के तरीके को भी सबसे सम्मुख करके दिखाया।
कार्यक्रम मे जिला प्रोबेशन अधिकारी संजय कुमार निगम एवं अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ0 अश्वनी, डाॅ0 वीसी पंत ने भी अपने विचार व्यक्त किये। इस मौके पर भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष नीलम गुप्ता, महिला मोर्चा की छवि मिश्रा, रचना शुक्ला सहित महिला शक्ति केन्द्र की महिला कल्याण अधिकारी आर्यमित्रा विष्ट, जिला समन्वयक निक्की गुप्ता, सरोजनी चैधरी सहित महिला कल्याण विभाग का स्टाफ उपस्थित रहा।

Related Articles

Comments

Back to Top