प्रदेश में पेट्रोल-डीजल व LPG की आपूर्ति पर सरकार सख्त: मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने जिलाधिकारियों को जारी किए कड़े निर्देश

जनपत की खबर , 115

लखनऊ, 12 मार्च 2026।
प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी गैस की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने जिलाधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा है कि आम जनता को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो और पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता को लेकर किसी तरह की अफवाह या अव्यवस्था न फैलने पाए।
यह निर्देश भारत सरकार के गृह मंत्रालय की ओर से 11 मार्च 2026 को आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बैठक के बाद जारी किए गए हैं, जिसमें पेट्रोलियम पदार्थों—पेट्रोल, डीजल और एलपीजी—की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए राज्यों को आवश्यक कदम उठाने को कहा गया था।
मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि जनता को स्पष्ट रूप से आश्वस्त किया जाए कि प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता को लेकर कोई समस्या नहीं है। साथ ही एलपीजी वितरण को लेकर भारत सरकार द्वारा अस्थायी रूप से घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने की व्यवस्था लागू की गई है। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए गैस रीफिल डिलीवरी अब ओटीपी आधारित प्रणाली के माध्यम से की जाएगी।
सरकार ने यह भी निर्देश दिया है कि सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों पर फैलने वाली भ्रामक सूचनाओं और अफवाहों पर कड़ी निगरानी रखी जाए। यदि कोई चैनल या प्लेटफॉर्म गलत जानकारी फैलाता है तो उसके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाए।
जिलाधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि गैस सिलेंडरों के वितरण के दौरान कहीं भी कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो। गैस सिलेंडर ले जाने वाले वाहनों को पर्याप्त सुरक्षा प्रदान की जाए तथा गैस एजेंसियों द्वारा किसी प्रकार की कालाबाजारी या अवैध बिक्री को सख्ती से रोका जाए।
इसके अलावा स्थानीय प्रशासन, पुलिस, राजस्व विभाग, खाद्य एवं रसद विभाग तथा तेल कंपनियों के नोडल अधिकारियों को संयुक्त रूप से क्षेत्र में भ्रमण करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि वितरण व्यवस्था की लगातार निगरानी की जा सके।
मुख्य सचिव ने जिलों में गैस वितरण से संबंधित सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए कंट्रोल रूम स्थापित करने और किसी भी कानून-व्यवस्था से जुड़ी स्थिति की तत्काल सूचना होम कंट्रोल को देने के भी निर्देश दिए हैं।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि इन सभी व्यवस्थाओं का उद्देश्य प्रदेश में पेट्रोलियम पदार्थों की निर्बाध आपूर्ति बनाए रखना और आम जनता को किसी भी प्रकार की असुविधा से बचाना है।

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