साहित्य-कला-संस्कृति की त्रिवेणी में महत्त्वपूर्ण हस्तियाँ करेंगी भागीदारी

जनपत की खबर , 337

लखनऊ।
साहित्यिक-सांस्कृतिक सरोकारों को समर्पित पहल "बनारस लिट् फेस्ट : काशी साहित्य कला उत्सव" के वर्षपर्यंत चलने वाले कार्यक्रमों की शृंखला में बनारस लिट् फेस्ट एवं नव भारत निर्माण समिति के संयुक्त तत्वावधान में वाराणसी, पुणे, बंगलूरू, प्रयागराज के सफल आयोजनों के बाद अदब और तहजीब के बहुसांस्कृतिक शहर उत्तरप्रदेश की राजधानी लखनऊ में महा कुम्भ के व्यापक प्रचार प्रसार के उद्देश्य से ,"वातायन - शान-ए-अवध" 5 जनवरी , 2025 को संगीत नाटक अकादमी के संत गाडगे सभागार में प्रातः 11:30 बजे से आयोजित किया जाएगा।
साहित्य-कला-संस्कृति की त्रिवेणी में अनेक महत्त्वपूर्ण हस्तियाँ भागीदारी करेंगी। 
  इस अवसर पर हुनर के सरताज , परिचर्चा, कवि सम्मेलन एवं मुशायरा, पुस्तक चर्चा, संवाद, नाटक, कथक नृत्य, संगीत, चित्रकला प्रदर्शनी सहित अनेक कार्यक्रम संपन्न होंगे।
पद्मश्री विद्या बिंदु सिंह , मेजर जनरल ए के चतुर्वेदी, कथाकार एवं तद्भव सम्पादक अखिलेश, 'अगम बहै दरियाव' के सुपरिचित लेखक शिवमूर्ति, 'किस्सा किस्सा लखनऊवा' के लेखक दास्तानगो हिमांशु बाजपेयी, कवि-शायर आईएएस अधिकारी डॉ हरिओम, वसीम नादिर, मनीष शुक्ला, बृजेश सिंह, प्रो॰बलवंत सिंह, अमित हर्ष , रवि भट्ट, अम्बरीष ठाकुर, दानबहादुर सिंह, अभिषेक तिवारी, डॉ॰ भावना श्रीवास्तव, कृति चौबे आदि अनेक लेखक-कवि-शायर-संस्कृतिकर्मी शान-ए-अवध में अपनी रचनाओं व विचारों से लाभान्वित करेंगे।
साथ ही राजेन्द्र शर्मा लिखित एवं नवीन श्रीवास्तव निर्देशित 'एक दिन की छुट्टी' नाटक का मंचन होगा। 
'काशी से अवध तक' में डॉ सुरभि व समूह कथक नृत्य का प्रदर्शन होगा।
सम्मान समारोह सहित और भी अनेक कार्यक्रम होंगे।

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