*मुख्य सचिव की अध्यक्षता में प्रधानमंत्री-राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत राज्य स्तरीय स्वीकृति समिति की बैठक सम्पन्न*

जनपत की खबर , 21

*पीएम-आरकेवीवाई के विभिन्न घटकों के अंतर्गत 3379.11 करोड़ रुपए की कार्य योजनाओं को मिली स्वीकृत*

 

*कार्य योजनाओं का समयबद्ध एवं पारदर्शी क्रियान्वयन हो सुनिश्चित*

 

*एस.पी.गोयल,*

*मुख्य सचिव*

 

*दिनांक : 06 मई, 2026*

 

*लखनऊ:* मुख्य सचिव श्री एस.पी. गोयल की अध्यक्षता में प्रधानमंत्री-राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (PM-RKVY) के अंतर्गत राज्य स्तरीय स्वीकृति समिति (SLSC) की बैठक आयोजित की गई। 

          मुख्य सचिव ने सभी विभागों को परियोजनाओं के प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने प्राकृतिक कृषि को बढ़ावा देने, किसानों को आत्मनिर्भर बनाने, कृषि एवं उद्यान फसलों की उत्पादकता बढ़ाने तथा सिंचाई सुविधाओं के विस्तार पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के समग्र विकास हेत आधुनिक तकनीकों, कृषि यंत्रों, उद्यान के क्षेत्र में नवीन शोधों यथा मखाना की खेती को बढ़ावा देने, मधुमक्खी पालन के माध्यम से शहद के उत्पादन में वृद्धि आदि कार्यक्रमों का प्रभावी तरीके से क्रियान्वयन कराया जाए। 

         यह भी कहा कि गुणवत्तापूर्ण बीज वितरण, समेकित पोषण एवं कीट प्रबंधन तथा फसलोत्तर अवसंरचना विकास पर फोकस किया जाए। किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) को मजबूत करने, कृषि उद्यमिता विकास तथा आधुनिक कृषि तकनीकों को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया जाए।

उन्होंने विशेषकर कृषि विभाग के स्तर पर कृषि कल्याण केन्द्रों, सहकारिता विभाग के पैक्स पर गोदाम निर्माण, रेशम उत्पादन के क्षेत्र में चाकी रियरिंग सेन्टर एवं प्रदेश के कृषि विश्वविद्यालयों में ऑन गोइंग विकास कार्यों को माह जून, 2026 तक पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नोडल विभाग (कृषि विभाग) द्वारा पीएम-आरकेवीवाई के अन्तर्गत निर्माणपरक परियोजनाओं की नियमित रूप से त्रैमासिक समीक्षा की जाए। 

उन्होंने कहा कि पीएम-आरकेवीवाई के अन्तर्गत सम्मिलित समस्त घटकों हेतु वर्ष 2026-27 के लिए भारत सरकार के स्तर से मात्राकृत केन्द्रांश की धनराशि 1551.62 करोड़ को शत-प्रतिशत अवमुक्त कराने की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। 

          उन्होंने गन्ना विभाग की परियोजनाओं के अन्तर्गत गन्ना की रेडराट अवरोधी प्रजातियों को बढ़ावा देने के निर्देश दिये। प्रदेश के किसानों को धान की खेती के स्थान पर अन्य फसल अपनाने हेतु प्रोत्साहित किया जाए। प्रदेश में संचालित योजनाओं के आउटपुट एवं आउटकम्स का अध्ययन एवं विवरण तैयार कराया जाय। कृषि विभाग को नोडल विभाग के रूप में कार्य करने तथा सभी लाइन विभागों के साथ समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए गए। 

         समिति द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए पीएम-आरकेवीवाई के समस्त घटकों के अंतर्गत कृषि एवं सम्वर्गीय विभागों के लिए 3379.11 करोड़ रुपए की परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान करते हुए भारत सरकार के अनुमोदनोनुसार क्रियान्वयन कराने के निर्देश दिए गए। 

          उल्लेखनीय है कि पीएम-आरकेवीवाई के अन्तर्गत वर्ष 2026-27 के लिए नेशनल मिशन फार एडिबल ऑयलस, आयल सीड्स, मिशन फार आत्म निर्भरता इन पल्सेज, नेशनल फूड सिक्योरिटी एण्ड न्यूट्रिशन मिशन, नेशनल मिशन आन एग्रीकल्चर मैकेनाइ‌जेशन, मिशन फॉर इन्टीग्रेटेड डेवलपमेन्ट ऑफ हार्टीकल्चर, बी-कीपिंग, डेवलेपमेन्ट ऑफ मखाना, पीएम-आरकेवीवाई डीपीआर, नेचुरल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग, पर ड्राप मोर क्राप माइक्रो इरीगेशन एवं खेत तालाब, रेनफेड एरिया डेवेलपमेन्ट, स्वायल हेल्थ एवं फर्टिलिटी प्रोग्राम, परम्परागत कृषि विकास योजना, एग्रीफोरस्ट्री एवं नेशनल बैम्बू निशन, क्राप डायवर्सीफिकेशन प्रोग्राम, डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन तथा सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर एक्शटेंशन आदि के लिए 3379.11 करोड़ रुपए की कार्ययोजनाएं वर्ष 2026-27 हेतु अनुमोदित की गयी।

          समिति द्वारा गत वित्तीय वर्ष 2025-26 की व्यय की प्रगति 91 प्रतिशत पर सन्तोष भी व्यक्त किया गया।

           बैठक में कृषि, उद्यान, पशुपालन, मत्स्य, सहकारिता, खाद्य प्रसंस्करण, पंचायती राज, ग्रामीण विकास सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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