*गौशालाओं में पशु आहार केवल एफएसएसएआई एवं बीआईएस मानकों के अनुरूप ही किया जाए क्रय*

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*लखनऊः* मुख्य सचिव  एस.पी. गोयल ने सभी मण्डलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों के साथ साप्ताहिक समीक्षा बैठक कर महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। 
          बैठक में मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों को स्पष्ट एवं सख्त निर्देश दिए कि सब्सिडाइज्ड उर्वरकों का उपयोग केवल कृषि कार्यों के लिए ही सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि सभी मुख्य विकास अधिकारी उर्वरक की उपलब्धता, आपूर्ति एवं वितरण की प्रतिदिन समीक्षा करें और जिलाधिकारी स्तर पर इसकी साप्ताहिक समीक्षा अनिवार्य रूप से की जाए। उर्वरक विक्रय में किसी भी प्रकार के असामान्य रुझान पाए जाने पर तत्काल क्रॉस-वेरिफिकेशन कराया जाए। उर्वरकों के डायवर्जन, जमाखोरी एवं कालाबाजारी की स्थिति में कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही अंतर्राष्ट्रीय एवं अंतर्राज्यीय सीमाओं पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश भी दिए गए।
           मुख्य सचिव ने ग्रीष्म ऋतु को दृष्टिगत रखते हुए जिला प्रशासन को पूर्ण सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि 41.1 से 43 डिग्री सेल्सियस तापमान को ‘येलो’, 43.1 से 44.9 डिग्री को ‘ऑरेंज’ तथा 45 डिग्री या उससे अधिक तापमान को ‘रेड’ श्रेणी में वर्गीकृत किया गया है। उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा जारी हीटवेव एडवाइजरी का श्रेणीवार कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।
           उन्होंने निर्देश दिए कि आवश्यकतानुसार सार्वजनिक स्थलों पर पेयजल, शेड एवं कूलिंग प्वाइंट की समुचित व्यवस्था की जाए। अस्पतालों में ओआरएस किट एवं आवश्यक औषधियों की उपलब्धता सुनिश्चित रहे तथा विद्युत सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाए। लू एवं हीटवेव से बचाव हेतु ‘क्या करें और क्या न करें’ के संबंध में व्यापक जनजागरूकता अभियान विभिन्न प्रचार माध्यमों के जरिए संचालित किए जाएं।
          इसके अतिरिक्त, उन्होंने गौ-आश्रय स्थलों पर स्वच्छ पेयजल, पर्याप्त छाया, कूलर एवं पंखों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। पशु-पक्षियों को गर्मी के दौरान पानी की कमी न हो, इसके लिए उन्होंने आवश्यकतानुसार तालाबों एवं पोखरों को पानी से भरने की व्यवस्था करायी जाए। 
          मुख्य सचिव ने बताया कि एक वर्ष की अवधि के लिए अनुमानित 131.40 लाख कुंतल भूसे की आवश्यकता के सापेक्ष अब तक 43.9 प्रतिशत भूसे का संग्रहण किया जा चुका है। उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपेक्षित प्रगति सुनिश्चित करते हुए 100 प्रतिशत लक्ष्य की पूर्ति करें। ग्राम प्रधानों के साथ समन्वय स्थापित कर व अन्य विशेष प्रयासों से अधिकाधिक भूसा दान के माध्यम से संग्रहित करने के प्रयास किए जाएं। 
          उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि गौशालाओं में पशु आहार केवल एफएसएसएआई एवं बीआईएस मानकों के अनुरूप ही क्रय किया जाए। पैकेजिंग पर बैच नंबर, उत्पादन तिथि एवं समाप्ति तिथि का स्पष्ट उल्लेख अनिवार्य हो। पशु आहार को सुरक्षित एवं सूखे स्थान पर संग्रहित किया जाए तथा निर्धारित अवधि के भीतर उसका उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने ग्रामीण एवं शहरी दोनों क्षेत्रों में संचालित गौशालाओं की नियमित समीक्षा कर व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाए रखने के निर्देश भी दिए।
           बैठक में अपर मुख्य सचिव पशुधन मुकेश कुमार मेश्राम, प्रमुख सचिव कृषि रवीन्द्र, प्रमुख सचिव वन वी0हेकाली झिमोमी, प्रमुख सचिव खाद्य एवं रसद  रणवीर प्रसाद, प्रमुख सचिव सहकारिता  अजय कुमार शुक्ला सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण आदि उपस्थित थे। 
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