ड्राइवरों की देशव्यापी हड़ताल के बाद सरकार आयी बैकफुट पर

जनपत की खबर , 249

लखनऊ। ड्राइवरों की देशव्यापी हड़ताल के बाद सरकार आयी बैकफुट पर. केन्द्र सरकार ने बयान जारी कर कहा कि मोटर वेहिकल ऐक्ट के नये प्रावधान फिलहाल स्थगित हैं. ‘हिट एंड रन’ का नया क़ानून अभी लागू नहीं होगा. इस कानून पर निर्णय अब "आल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस" से विचार विमर्श के बाद लिया जाएगा. केन्द्रीय गृह सचिव के आश्वासन के बाद ड्राइवरों और ट्रांसपोर्टरों ने उच्चतम हड़ताल समाप्त करने का एलान किया है. माना जा रहा है कि आज से पेट्रोल डीजल की आपूर्ति सामान्य हो जाएगी. यह दूसरा मौका है जब केन्द्र सरकार अपने किसी कानूनी प्रावधानों को लेकर बैकफुट पर आयी है. इससे पहले किसानों के आंदोलन के बाद मोदी सरकार ने कृषि कानूनों वापस लिये थे.  ड्राइवरों के मामले में सरकार दो दिन में ही समझौते को तैयार हो गयी. अब देखना होगा कि संसद से पारित कानून क्या स्वरूप लेता है ।
नए कानून के तहत अगर लापरवाही या तेज स्पीड से गाड़ी चलाने के कारण दुर्घटना में किसी व्यक्ति की मौत हो जाती है और आरोपी ड्राइवर पुलिस को सूचित किए बिना ही मौके पर फरार हो जाता है तो उसे 10 साल की जेल की सजा काटनी पड़ सकती है या 7 लाख रुपये का जुर्माना देना पड़ सकता है. अगर वह भागता नहीं है तो भी उसे पांच साल की सजा काटनी पड़ सकती है. सबसे खास बात ये है कि दोनों ही मामले गैर-जमानती हैं, पुलिस थाने से जमानत नहीं मिलेगी.
इससे पहले कानून काफी नरम था. पुराने हिट एंड रन कानून के मुताबिक, लापरवाही से गाड़ी चलाने के कारण किसी व्यक्ति की मौत हो जाने पर अधिकतम दो साल की सजा का प्रावधान है. यही नहीं, आरोपी ड्राइवर को तुरंत थाने से जमानत भी मिल जाती है.

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