ॐ तत्सत् जीव को मोक्ष देने की क्षमता केवल तत्त्वज्ञान में - गुरु सत्यानंद
लखीमपुर खीरी Jan 13, 2026 at 06:05 PM , 127देवरिया लखीमपुर। किसी धाम/आश्रम/तीर्थ/मठ/पीठ में वह क्षमता नहीं जो किसी भी जीव को भवसागर से मुक्ति दिला कर सके। उक्त शब्द सनातन विद्यापीठ के संस्थापक गुरु सत्यानंद ने एक सत्संग चर्चा में कहे।
उन्होंने कहा कि भगवान श्री विष्णु जी महाराज गरुड़ पुराण में कहते हैं कि #मोक्षस्य_कारणं_साक्षात् #तत्त्वज्ञानं_खगेश्वर। कि हे पक्षी राज गरुड़ मोक्ष का कारण साक्षात तत्त्वज्ञान है।
इसलिए तत्त्वज्ञान के अस्तित्व को मिटाने का षड़यंत्र भगवत द्रोहिता ही है। ऐसी आत्मघाती अपवंचकों के धूर्तता से बचने और श्रीमहाराज स्वामी सदानंद जी के तत्त्वज्ञान विषयक महत्व का स्मरण करने की जरूरत है।
गुरु सत्यानंद ने कहा कि अवतार होता ही है तत्त्वज्ञान की प्रतिष्ठा के लिए, अब जिनको तत्त्वज्ञान का महत्व ही नहीं पता उनको मुक्ति का कारण धाम, आश्रम, तीर्थ, मंदिर, मूर्ति आदि ही नजर आएँगे और ऐसे मूढ़ जड़वादी जाने अनजाने भगवतद्रोहिता करते हुए आत्मघात को प्राप्त होते जाएंगे।
इनका ऐसा कपटपूर्ण चरित्र है कि जब स्वयं के शरीर छूटने का संकेत दिखता है तब आनन फानन मे हॉस्पिटल कि ओर दौड़ जाते हैं। किन्तु दूसरों को सालोक्य मुक्ति का लालच दिखाते हुए उसके धर्म धन ओर जीवन के अनमोल समय का दोहन शोषण करने हुए धाम मे बने रहने हेतु सार्वजनिक शपथ दिलाते है। जहाँ ज्ञान वैराग्य नही भक्ति सेवा समर्पण कैसा।
धर्म क्षेत्र मे कब्जा जमाये कालनेमी पदाधिकारीयों यह कपट चरित्र आसुरी अस्तित्व का प्रमाण है और जिसको दिख नहीं रहा या समझ नहीं आ रहा हो तो ऐसा व्यक्ति मूढ़ ओर अंधा ही है।
ऐसे में सभी सद्भावी जिज्ञासुओं से हमारा कहना है कि आप सभी तत्त्वज्ञान की शरण लीजिये और ज्ञान वाला जीवन जीने मे लगिए। इसी से कल्याण होना है।






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