*थानो के हल्के में कच्ची शराब का तांडव मौत के बाद भी खुलेआम बिक रही कच्ची शराब।*

लखीमपुर खीरी , 13

पलिया सम्पूर्णानगर (खीरी) पलिया क्षेत्र के ग्राम बोझवा में कच्ची शराब पीने से एक युवक की  सग्दिग्ध मौत हो गई इस घटना के बाद पूरे गांव में आक्रोश पनप गया और परिजनों के साथ मिलकर ग्रामीणों ने शव को कथित शराब विक्रेता के घर के सामने रखकर खूब विरोध प्रदर्शन चला पुलिस को काफी मशक्कत कर शांत कराकर मामला दबाया गया।

(थाना सम्पूर्णानगर में भी अवैध कच्ची शराब ने तमाम जाने जा चुकी है। उसे बाद भी इन थानो में कच्ची शराब रूकने का नाम नहीं ले रहा)

आपकों बता दें कि इस हल्के के दरोगा व सिपाही की जिम्मेदारी है कि गांव में गैर कानूनी धंधे और अपराध पर अंकुश लगाया जाए लेकिन लम्बे अरसे से तैनात दरोगा सिपाही इस पर ध्यान देना तो दूर कार्रवाई करना भी जरूरी नहीं समझते इसकी बड़ी वजह नजराना   जो महिने की हर पांच तारिख को सभी को मिल जाता है 

*आबकारी भी पलिया विधानसभा के थाना क्षेत्र के गांवों पर नहीं देता ध्यान।*

उत्तर प्रदेश में आबकारी विभाग का काम अवैध कच्ची शराब तथा नकली शराब तस्करों पर कार्रवाई करना, मगर पलिया विधानसभा 137 में दो थानो में सैकड़ों गांव आते हैं जहां के कुछ गांवों में बड़ी तेजी से यह धंधा पनप रहा हैं और जिम्मेदार आंखों पर पट्टी बांध कर तमाशबीन बने हुए है।

*पुलिस व आबकारी टीमें गठित सोशल नेटवर्किंग पर फ़ोटो डालकर सब हवा-हवाई।*

देखा जाए तो पुलिस व आबकारी विभाग की टीमें तो गठित होती है मगर जमीन पर यह कितना काम करती है यह तो सोशल नेटवर्किंग पर खूब दिख जाएगा लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और है जी हां जहां पर घटनाएं होती तभी यह विभाग सजग होकर इक्का-दुक्का कार्रवाई कर फिर से ठंडे पड़ जाते यही नहीं कुछ अधिकारी गर्मी मे आफिसों की ठंडी हवा को छोड़कर जमीन पर दिखाई नहीं देते, यही कारण है कि क्षेत्रों यह धंधा तेजी से बढ़ता ही जा रहा । 

*कच्ची शराब कार्रवाई में बच जाते माफिया फस जाते पीने वाले।* 

कुछ गांव की कार्रवाई में यह साफ देखा जाता जो दूर दूर तक इस धंधे में नहीं होते उसको भी इस धंधे में घसीट कर अवैध शराब में जेल भेज कर शाबाशी विभागों द्वारा खूब लूटी जाती है लेकिन कच्ची माफियाओं पर इसका कोई असर देखने को नहीं मिलता ।
और धड़ल्ले से गांव में बेचा जाता है।

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