*धारदार हथियार से हमले के मामले में धाराएं बढ़ाने की मांग, डीएम व एसपी खीरी को दिया प्रार्थना पत्र।*
लखीमपुर खीरी Sep 01, 2026 at 06:46 PM , 16*हथियार बंद गिरोह पत्रकार के घर में घुसकर खेला खूनी खेल, महिलाओं के दुर्व्यवहार।*
पलियाकलां।
हथियार बंद गिरोह ने पत्रकार के घर में घुसकर खेला खूनी खेल, महिलाओं को मारा पीटा पति व बच्चों को धारा धार हथियार से किया लहुलुहान थाने में पूरे परिवार को दी थी खुली धमकी यहां तक परिवार के लोग पुलिस से लगाते रहे गुहार। अपराधियों के इस हरकत से पूरे मोहल्ले में दहशत का माहौल है।
28 अगस्त 2026 को हुई मारपीट एवं धारदार हथियार से हमले के मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर मोहल्ला रंगरेजान-2 निवासी पत्रकार आनंद कुमार गुप्ता पुत्र राजेन्द्र प्रसाद गुप्ता ने जिलाधिकारी लखीमपुर खीरी एवं पुलिस अधीक्षक खीरी को प्रार्थना पत्र सौंपा है।
पीड़ित ने अधिकारियों को दिए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया है कि घटना के दौरान विपक्षी पक्ष द्वारा धारदार हथियार से हमला किया गया, जिसमें उन्हें गंभीर चोटें आईं। आरोप है कि उनके तथा उनके परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट एवं अभद्र व्यवहार भी किया गया। घायल अवस्था में उनका मेडिकल परीक्षण सीएचसी पलिया में कराया गया।
पीड़ित का कहना है कि घटना के संबंध में दर्ज मुकदमे में मेडिकल रिपोर्ट में आई चोटों के आधार पर धारा 74 व 109 बीएनएस की बढ़ोतरी नहीं की गई है। उन्होंने जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक से मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर मुकदमे में आवश्यक धाराएं बढ़ाते हुए आरोपियों के विरुद्ध प्रभावी कानूनी कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
प्रार्थना पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि विपक्षी पक्ष की ओर से पीड़ित और उसके परिवार को लगातार जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं। इससे परिवार में भय का माहौल बना हुआ है। पीड़ित ने किसी अप्रिय घटना की आशंका जताते हुए अधिकारियों से मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर दंडात्मक कार्रवाई एवं परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित कराने की मांग की है।
पीड़ित ने अपने प्रार्थना पत्र में नरेश गुप्ता, आर्यन गुप्ता, अरमान गुप्ता, अंश गुप्ता व सौरभ गुप्ता समेत अन्य लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। प्रार्थना पत्र 31 अगस्त 2026 को दिया गया।
अब पीड़ित की शिकायत, मेडिकल रिपोर्ट और लगाए गए आरोपों के आधार पर पुलिस प्रशासन की ओर से क्या कार्रवाई की जाती है, इस पर सभी की निगाहें टिकी हैं।






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