अटल बिहारी वाजपेई जी की जयंती जन्म शताब्दी वर्ष के समापन समारोह कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन

लखीमपुर खीरी , 207

लखीमपुर खीरी।भगवानदीन आर्य कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय लखीमपुर खीरी में प्राचार्या प्रोफ़ेसर गीता शुक्ला की अध्यक्षता में शासन द्वारा निर्देशित कार्यक्रम भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेई जी की जयंती जन्म शताब्दी वर्ष के समापन समारोह कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया।कार्यक्रम का संचालन नोडल प्रभारी एवं अर्थशास्त्र विभाग की सहायक आचार्य  वीना चौरसिया और अंग्रेजी विभाग की सहायक आचार्य डॉ राखी चौहान द्वारा किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय की शिक्षिकाएं डॉ सुरचना त्रिवेदी, श्रीमती शिवांगी सक्सेना, डॉ प्रीती सिंह उपस्थित रही।  एसोसिएट प्रोफेसर, संस्कृत विभाग, डॉ सुरचना त्रिवेदी ने अटल बिहारी बाजपेई जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनकी कविताएँ  आशावाद का प्रतीक हैं; और उनका UN में हिंदी में भाषण देना, भाषा और देश के प्रति प्रेम को दिखाता है, जो उन्हें एक बहुआयामी व्यक्तित्व, प्रखर वक्ता और दूरदर्शी नेता बनाते हैं, जिन्होंने राष्ट्र निर्माण के लिए अपना जीवन समर्पित किया। महाविद्यालय की प्राचार्या ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय राजनीति के ऐसे नेता थे जिन्होंने अपने विचारों, व्यवहार और कार्यों से देश को नई दिशा दी। वे तीन बार भारत के प्रधानमंत्री रहे और हमेशा जनहित को सर्वोपरि रखा. अटल जी केवल एक सफल राजनेता ही नहीं थे, बल्कि वे एक प्रखर वक्ता, कवि, विचारशील लेखक और सच्चे राष्ट्रभक्त भी थे। उनकी वाणी में सरलता थी, लेकिन विचारों में गहराई. उन्होंने अपने जीवन में राजनीति को सेवा का माध्यम माना और अपने आचरण से सुशासन की मिसाल पेश की। उनके विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने अपने समय में थे। अटल जी के जन्म शताब्दी वर्ष के कार्यक्रम की श्रृंखला में 25 दिसम्बर 2025 को सनातन धर्म बालिका इंटर कॉलेज में समापन कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें जिला स्तर में भाषण प्रतियोगिता एवं एकल काव्य पाठ प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने वाले और वहां प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को जिला विकास अधिकारी एवं जिला विद्यालय निरीक्षक की उपस्थिति में पुरस्कृत किया गया। जिसमें भगवानदीन आर्य कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय की पंचम सेमेस्टर की छात्रा आस्था वर्मा को दस हजार रूपये का चेक एवं प्रमाण पत्र दिया गया। इस अवसर पर जिला सह समन्वयक एवं महाविद्यालय की प्राचार्या की गरिमामय उपस्थिति रही। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अतिथिगण प्रतिभागी छात्र एवं छात्राएं उपस्थित रहे।

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