वाल्मीकि जी के जीवन से हमें प्रेरणा लेकर जीवन के सच्चे मार्ग पर चलना ही शिक्षा से शिखर की ओर ले जा सकती सरदार स्वर्ण सिंह

लखीमपुर खीरी , 324

लखीमपुर-खीरी। वाल्मीकि प्रकट उत्सव समारोह के क्रम में जन-जन के भगबान वाल्मीकि शिक्षा से शिखर तक के में बतौर मुख्य वक्ता सरदार स्वर्ण सिंह प्रान्त संघ चालक, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने कहा कि वाल्मीकि जी की शिक्षा को महत्व को हमें अपने जीवन में लाने की आवश्यकता है।
शिक्षा ही सफलता की कुंजी है, समरसता समाज में कैसे आए यह वाल्मीकि जी के जीवन से हमें प्रेरणा लेकर जीवन के सच्चे मार्ग पर चलना ही शिक्षा से शिखर की ओर ले जा सकती है।

मुख्य अतिथि अनूप कुमार सदस्य विधान परिषद ने कहा कि हिन्दू सनातन आधार का स्तम्भ त्रिकाल दर्शी भवगबान वाल्मीकि जी ने महाकाव्य रामायण की रचना की। शिक्षा के दम पर ही उन्होंने राम-सीता के पुत्रों का शास्त्र शस्त्र गीत संगीत से निपुर्ण किया।
शिक्षा के द्वारा ही डाॅक्टर अम्बेडकर ने भारतीय संविधान शिल्पकार विश्व में ज्ञान के प्रतीक कहे गये। 
विशिष्ट अतिथि डाॅ0 रामनरेश ने कहा कि भगबान वाल्मीकि करूणा के सागर थे। भगबान राम के उदार चरित्र को समाज के बीच में रामायण के माध्यम से रखा। महर्षि वाल्मीकि ने ही भगबान राम को राम बनाया।
उन्होंने कहा कि
शिक्षा ही शिखर तक पहुंचा जा सकता है। उन्होंने अपने वक्तव्य में उप निषाद का उल्लेख कर कहा कि सा विद्या या विमुक्तये, शिक्षा हमें मोक्ष तक ले जाती है।
और शिक्षा भी हमारी लक्ष्य आधारित होनी चाहिए।
कार्यक्रम आयोजक चन्दन लाल ने कहा कि वाल्मीकि प्रकट दिवस को इस बार शिक्षा से जोडने का प्रयास किया गया है।
करूणा फाउण्डेशन की अध्यक्ष डाॅ0 वैशाली के बताया कि इस बार वाल्मीकि प्रकट दिवस के अवसर पर वाल्मीकि समाज की 65 प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया।
जिनमें संत, महन्त श्री आजाद भारती, कनवाखेडा वाल्मीकि आश्रम के अध्यक्ष विनय लाला, वाल्मीकि सत्संग कमेटी के अध्यक्ष सुरेन्द्र शरण, खेल प्रतिभा के रूप में कीर्ति वाल्मीकि नेशनल रैफरी, कुमार अभिनव  नेशनल रनर ताइकवाण्डों, कवि श्याम किशोर बचैन, कवि दिलीप 
 कवि इन्द्र पाल वमार्, कवि विकास शुक्ला बादल कवि विशेष शर्मा, कवि कुलदीप समर गायक रोशनी प्रयांसी, मानसी बरेली चंचल लखनबी, राम पाल प्रधान,
कुशाल बाली शुभम बालगुहेर,श्रवण नादान, महेश आजाद नरेन्द्र वाल्मीकि, नवीन बाली, विकास वाली, विनोद कुमार, शिक्षा के क्षेत्र में आयुष कुमार, दीपांशु वाल्मीकि, सरोज कुमार, वीरेन्द्र भारती, एडवोकेट अनुज कुमार, अनुराग बासु, हिमाॅशु वाल्मीकि, प्रियांशी सिंह, शैली सिंह, को अथितियों द्वारा प्रतीक चिन्ह माला, अंग बस्त्र देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में कुमदेश शंकर शुक्ला सभासद, अमरेन्द्र पाल, सुरेन्द्र तोलानी, जितेन्द्र साहिनी,  पक्रिमा प्रसाद प्रधानाचार्य, विनोद कुमार के आयोजन में प्रदेश काॅडिनेटर कुॅवर विकेन्स, इंजीनियर कुंवर आयुष्मान, अंकित सिंह, संजय कुमार, अंशू, आदर्श, गोलू मोलू, आदि ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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