बिना मानक पूरे किए ही बने एआरपी मेहरबानी खंड शिक्षा अधिकारी की

लखीमपुर खीरी , 214

(हरिशंकर मिश्र)

लखीमपुर खीरी। बेसिक शिक्षा विभाग के विद्यालयों में पढ़ने वाले कमजोर छात्रों को पढ़ाने के लिए एआरपी की तैनाती की गई है जिससे कमजोर छात्र अच्छी शिक्षा से अपना संस्कार बना सकें। बताया जाता है कि ब्लॉक रमियाबेहड़ के पूर्व माध्यमिक विद्यालय गोसाईनपुरवा के एक अध्यापक जिनके पास वह विषय भी नहीं है जिसको लेकर उनकी तैनाती होनी थी परन्तु उनको ब्लॉक फूलबेहड़ का एआरपी बनाकर बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा भेज दिया गया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार रमियाबेहड़ के खंड शिक्षा अधिकारी ने शासनादेश की धज्जियां उड़ाते हुए पूर्व माध्यमिक विद्यालय गोसाईनपुरवा में तैनात शिक्षक अंशुल गुप्ता के पास एआरपी बनने का मानक नहीं थे परंतु उनको रमियाबेहड़ के खंड शिक्षा अधिकारी ने एआरपी बनने के लिए बेसिक शिक्षा अधिकारी खीरी को संस्तुति कर दी और बीएसए खीरी ने अंशुल गुप्ता को ब्लॉक फूलबेहड़ का एआरपी नियुक्त कर दिया। इस संबंध में मिले समाचारों के अनुसार एकाध अपवाद को छोड़कर एआरपी बनने के बाद लोग स्कूलों में तो जाते हैं हाजिरी भी लगते हैं प्रधान अध्यापक की चाय भी पीते हैं परंतु कमजोर छात्रों को पढ़ाना मुनासिब नहीं समझते इनका कार्य केवल गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों को देखना उनसे धन उगाही करना मान्यता प्राप्त स्कूलों में उन बच्चों के। नाम दर्ज करवाना तथा गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों से रकम वसूलने तक सिमट कर रह गया है। इस प्रकार शिक्षा विभाग छात्रों का भविष्य बनाने में लगा हुआ है। अंशुल गुप्ता मास्टर साहब भी खंड शिक्षा अधिकारी रमियाबेहड़ के करीबी बताए जाते हैं। ऐसा लगता है कि शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सरकार चाहे जितना पैसा भेजे परन्तु कमजोर बच्चे कमजोर ही रहेंगे।

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