दुर्लभ अनुवांशिक बीमारी (मायोपैथी) से पीड़ित रोगी के उपचार हेतु सरकार से आर्थिक सहायता की मांग
लखीमपुर खीरी Sep 08, 2025 at 06:15 PM , 166(सुनील शर्मा)
लखीमपुर खीरी। मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश को संबोधित जिला अधिकारी खीरी को दिए गए प्रार्थना पत्र में इंदिरा नगर हाथीपुर उत्तरी निवासी एक महिला ने अपने पति की बीमारी के चलते सहायता की मांग की है।
पत्र में अवन्तिका वर्मा पत्नी अरूण रस्तोगी ने कहा है कि उसके पति अरूण रस्तोगी (आयु-33 वर्ष) दुर्लभ एवं गंभीर अनुवांशिक रोग मायोपैथी से पीड़ित हैं। बताया जाता है कि यह एक ऐसा रोग जिसमें प्रगतिशील मांसपेशीय दुर्बलता है, जिसमें रोगी की चलने-फिरने की क्षमता धीरे-धीरे समाप्त हो जाती है और अंततः वह सामान्य जीवन जीने में असमर्थ हो सकता है।
इसकी चिकित्सकीय पुष्टि एस.जी.पी.जी.आई.एम.एस.
लखनऊ एवं सी.एम.सी. वेल्लोर जैसे प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थानों द्वारा की जा चुकी है।
पत्र के साथ चिकित्सकीय कागजातों को लगाकर महिला ने कहा है कि हमने देशभर के अनेक विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श लिया है। लगातार उपचार के बावजूद कोई स्थायी निदान नहीं हो पाया और इनकी शारीरिक स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है।
अब चलने-फिरने में गंभीर कठिनाई उत्पन्न हो गई है तथा भविष्य में पूर्णतः अचल होने की आशंका व्यक्त की गई है। इस कारण समूचा परिवार अत्यधिक मानसिक और आर्थिक संकट से जूझ रहा है।
एक छोटी पुत्री तथा वृद्ध पिताजी हैं वह भी गंभीर बीमारी से ग्रसित एवं चलने-फिरने में असमर्थ हैं। परिवार का संपूर्ण भार इन अरूण रस्तोगी पर ही है,
किन्तु उसकी बीमारी के कारण आजीविका भी प्रभावित हो गई है। हमारा परिवार अब किसी भी प्रकार का महंगा उपचार वहन करने में असमर्थ है।
पीड़ित के अनुसार यह रोग दुर्लभ बीमारियों की श्रेणी में आता है, जिसके उपचार की लागत अत्यंत अधिक है। ऐसी दशा में पत्नी ने मांग की है कि उनके पति अरूण रस्तोगी का निःशुल्क उपचार किसी सरकारी/मान्यता प्राप्त बड़े चिकित्सा संस्थान में कराया जाए। मुख्यमंत्री राहत कोष अथवा किसी अन्य सरकारी योजना से आर्थिक सहायता प्रदान की जाए साथ ही इन्हें शीघ्र दिव्यांग प्रमाणपत्र उपलब्ध कराया जाए, जिससे पेंशन, यात्रा रियायत व अन्य सरकारी लाभ प्राप्त हो सकें और इन्हें किसी उपयुक्त सरकारी योजना अंतर्गत रोजगार का अवसर भी प्रदान किया जाए, ताकि परिवार का भरण-पोषण हो सके क्योंकि
स्थिति दिन-प्रतिदिन गंभीर होती जा रही है।






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