*सीएचसी पलिया में चिकित्सक लिख रहे बाहर की दवाईयां अधीक्षक भरत नहीं उठाते फोन।*

लखीमपुर खीरी , 260

पलियाकलां खीरी। सीएचसी चिकित्सक बाहर की दवा लिखने से नहीं मान रहे हैं। आपको बता दें की इन दोनों बुखार व संक्रमण के मरीज काफी तेजी से क्षेत्रों में बढ़ रहे हैं लेकिन इसी को अवसर बनाकर कुछ स्वास्थ विभाग में तैनात कर्मचारी बाहर की दवाइयां लिखने में बिल्कुल भी संकोच नहीं कर रहे हैं बताया जा रहा है कि रविवार को तेज बुखार के चलते एक परिवार सीएससी पलिया पहुंचा जहां पर इमरजेंसी वार्ड रूम में तैनात स्वास्थ्य कर्मचारी ने पहले तो देख लिया उसके बाद स्टाफ छुट्टी का बहाना बना दिया और दवाई रूम बंद का हवाला दे दिया।
इसी पर जो पर्ची लिखी दवाईयो के बारे में अभिभावक ने पूछा तो चिकित्सक ने कहा या तो आप कल आईए या फिर पर्ची लिखी दवाई बाहर ले लीजिए। अब इसी से साफ होता है कि किस हद तक पलिया स्वस्थ महकमे के कर्मचारी काम कर रहे हैं। जब बाहर की दवाई पर ही मरीज को ठीक होना है तो सरकार इतने बड़े-बड़े दावे क्यों कर रही है और बड़े बजट और तमाम सरकारी मुलाजिम क्या सिर्फ सरकारी तन्खवाह लेने के लिए ही बैठे हैं। 
उत्तर प्रदेश सरकार के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक लगातार स्वस्थ महकमा को कड़ी चेतावनी देते हुए मरीजों को कोई असुविधा न हो इसके लिए कार्य कर रही है लेकिन लखीमपुर खीरी के सीएचसी पलिया मे जिस तरह से बाहर की दवाईयां लिखी जा रही है उससे साफ है कि चाहे उत्तर प्रदेश सरकार स्वास्थ सुविधाओं को लेकर कितनी भी सतर्क और सजग रहे लेकिन स्वास्थ्य विभाग में तैनात कर्मचारी अपनी हरकतों से बाज नहीं आने वाले हैं। 
पलिया सीएचसी अधीक्षक भारत सिंह को फोन कर जानकारी लेनी चाहिए तो फोन व्यस्त रहा 
वही स्वस्थ महकमे के अन्य कर्मचारियों को भी फोन किया गया तो स्विच ऑफ रहा।

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