प्राइवेट स्कूल की शिक्षिका ने मुख्यमंत्री से लगाई शोषण से मुक्ति दिलाने की गुहार स्कूल प्रबंधन पर कार्यवाही की भी मांग

लखीमपुर खीरी , 193

के0के0 शुक्ला/शत्रुजीत सिंह 

वाराणसी/लखीमपुर। प्राइवेट स्कूलों द्वारा किस तरह से अध्यापकों विद्यार्थियों आज का शोषण किया जाता है इसका उदाहरण यह प्रकरण है अभी तक प्राइवेट विद्यालयों द्वारा विद्यार्थियों के फीस कापी किताबें ड्रेस की बिक्री आदि को लेकर के शोषण की खबरें आए दिन मीडिया की सुर्खियां बनती रहती हैं लेकिन यह प्रकरण अध्यापकों के शोषण से संबंधित है। समाचारों के अनुसार उत्तराखंड हरिद्वार की रहने वाली बिंदु रानी, वाराणसी पब्लिक स्कूल केराकतपुर लोहता वाराणसी (Affiliation no :- 2130678, School no :- 71322) में पिछले तीन वर्षों से PRT पद पर कार्यरत थी। अध्यापिका बिंदु रानी के अनुसार उनके पढ़ाने की शैली व समर्पण के कारण वह विद्यार्थियों में अत्यंत लोकप्रिय थी इसी लोकप्रियता को विद्यालय की प्रिंसिपल मीना अवस्थी ने अपने लिए खतरा समझा और उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। उसके पश्चात्  निदेशक अमित पांडे से मिलकर 22 मार्च 2025 को, सत्र के अंत में, उन्हें बिना किसी स्पष्ट कारण बताए अचानक सेवा से टर्मिनेट कर दिया गया और टर्मिनेशन लेटर पर जबरदस्ती हस्ताक्षर करा लिए गए जिसकी कॉपी लेने तक नहीं दी गई। इतना समय बीत जाने के बाद भी उन्हें बकाया वेतन, सेवा के दौरान जमा सिक्योरिटी अमाउंट तथा अन्य देय राशि नहीं दी गई है। जिससे अपने निवास स्थान से करीब 800 कि0मी0 दूर रहकर अध्यापन का कार्य कर रही बिंदु के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया जिससे वह रूम रेंट, भोजन और दवाई तक के लिए संघर्ष कर रही हैं। आरोप है कि उन्हें बार-बार विद्यालय बुलाकर अपमानित किया जा रहा है, जिससे उसकी आर्थिक के साथ साथ मानसिक स्थिति अत्यंत दयनीय हो चुकी है। मामले की शिकायत उनके द्वारा मुख्यमंत्री कार्यालय में की गई है जिसमें उन्होंने निवेदन किया है कि इस मामले में शीघ्र हस्तक्षेप कर मुझे न्याय दिलाने की कृपा करें। साथ ही संबंधित स्कूल प्रबंधन पर कार्रवाई की जाए ताकि अन्य स्कूलों को भी सबक मिल सके ताकि कोई और स्कूल भी किसी और शिक्षक का शोषण न कर सके। मुख्यमंत्री कार्यालय ने उसकी शिकायत संख्या 92519700010525 के मामले को संबंधित थाने को कार्यवाही करने के लिए अग्रसारित कर दिया है।

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