मिशन शक्ति: परिषदीय विद्यालय की बेटी ने किया कमाल, मेहनत और मार्गदर्शन से मिली बड़ी सफलता

लखीमपुर खीरी , 149

अटल आवासीय विद्यालय प्रवेश परीक्षा में मंडल टॉप कर रचा इतिहास!
अंशिका की कामयाबी से परिषदीय स्कूलों के छात्रों में बढ़ा आत्मविश्वास
महिला सशक्तिकरण की पहल के तहत सीएम के मार्गदर्शन में डीएम ने अंशिका को सोशल मीडिया हैंडल्स किए समर्पित
परिषदीय विद्यालयों के छात्र भी हासिल कर सकते हैं बड़ा मुकाम, अंशिका बनी उदाहर।

लखीमपुर खीरी। परिषदीय विद्यालयों की प्रतिभा अब किसी से कम नहीं। इस बात को सिद्ध कर दिखाया है लखीमपुर खीरी जिले की परिषदीय विद्यालय रुकनापुर की कक्षा 8 की छात्रा अंशिका दीक्षित ने, जिसने अटल आवासीय विद्यालय की प्रवेश परीक्षा में न केवल शानदार प्रदर्शन किया, बल्कि पूरे मंडल में टॉप कर अपने विद्यालय, परिवार और जिले का नाम रोशन किया। उसकी इस उल्लेखनीय उपलब्धि को सम्मान देते हुए चैत्र नवरात्र के चतुर्थ दिवस पर मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल ने महिला सशक्तिकरण की अनूठी पहल के तहत अंशिका को सोशल मीडिया हैंडल्स समर्पित किए। इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया कि परिषदीय स्कूलों के बच्चे भी सही मार्गदर्शन और मेहनत से बड़ी कामयाबी हासिल कर सकते हैं।
संघर्ष और संकल्प की कहानी-विकासखंड लखीमपुर के ग्राम रुकनापुर की अंशिका दीक्षित एक साधारण परिवार से आती हैं, लेकिन उनकी मेहनत और लगन ने उन्हें इस मुकाम तक पहुँचाया। सीमित संसाधनों के बावजूद, उन्होंने कठिन परिश्रम किया और अपने शिक्षकों के सहयोग से इस प्रतिष्ठित परीक्षा में सफलता प्राप्त की। वही अंशिका ने नवोदय विद्यालय की कक्षा 9 में प्रवेश हेतु एक सीट पर चयन प्राप्त किया। साथ ही, उन्होंने राष्ट्रीय आय परीक्षा में जिले स्तर पर बालिका वर्ग में प्रथम स्थान हासिल किया। उनकी इस उपलब्धि से न केवल स्कूल बल्कि पूरा समुदाय गर्व महसूस कर रहा है। 
शिक्षकों और परिवार का योगदान-अंशिका के पिता अनिल कुमार और माता रिंकी ने बताया कि उनकी बेटी बचपन से ही पढ़ाई में होशियार रही है। शिक्षकों ने भी उसकी प्रतिभा को पहचाना और उसे आगे बढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। स्कूल के इंचार्ज प्रधानाध्यापक अंजनी कुमार ने कहा, "यह उपलब्धि हमारे पूरे विद्यालय के लिए गौरव की बात है। इससे यह साबित होता है कि परिषदीय विद्यालयों में भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जा रही है।"
अंशिका दीक्षित की सफलता बनी प्रेरणा, आईएएस बनने का सपना
अंशिका दीक्षित की इस सफलता ने अन्य छात्रों के लिए भी एक मिसाल कायम की है। अब परिषदीय विद्यालयों के छात्र-छात्राएँ भी आत्मविश्वास के साथ बड़ी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। अब अंशिका दीक्षित का सपना है कि वह आगे भी इसी तरह कड़ी मेहनत करके अपनी शिक्षा को ऊँचाइयों तक ले जाए और अपने परिवार, स्कूल और समाज का नाम रोशन करे। उनकी यह उपलब्धि दिखाती है कि यदि सही मार्गदर्शन और परिश्रम मिले तो किसी भी परिस्थिति में सफलता हासिल की जा सकती है। डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल से प्रेरित होकर अंशिका दीक्षित आईएएस अधिकारी बनकर देश और समाज की सेवा करना चाहती हैं।

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