जहां दर्शन मात्र से होती है सभी मनोकामनाओं की पूर्ति। यहां ऐक अति प्राचीन सरोबर मे मात्र ऐक बार ही स्नान कर लेने से हो जाते सभी प्रकार के चर्म रोगो का नाश।

लखीमपुर खीरी , 122

गोला गोकर्णनाथ खीरी। गोला छोटी काशी से लगभग 12 किलोमीटर की दूरी पर गोला सिकंदराबाद मार्ग पर ग्राम सभा कपरहा की ग्राम पंचायत के मजरा तेन्दुआ मे ऐक अति प्राचीन शिव मंदिर जो की कोटबारा राज स्टेट के पूर्व राजा राजा मोरध्वज के समय कालीन का स्थापित है।
इस मन्दिर का जीर्णोद्धार वर्ष 2019,20 मे तत्कालीन ग्राम प्रधान नीरज शुक्ला के अथक प्रयासो के चलते तत्कालीन ग्रह राज्यमंत्री अजय मिश्र ने कराया था।इसके साथ ही ग्राम प्रधान नीरज शुक्ला की मांग पर लगभग नौ सौ मीटर मुख्य सडक से लेकर मन्दिर तक की इन्टर लाकिंग सडक को भी बनबाया गया था।
जहां पर मान्यता है कि सावन के माह मे जो ब्यक्ति सपत्नीक भगबान शिव का पूरी श्रृध्धा के साथ रूद्राभिषेक व हवन पूजन करता है उसकी हर मनोकामना मात्र ऐक ही साल मे पूरी हो जाती है। जिसके चलते पूरे सावन माह मे यहां पर लाखो की संख्या मे भक्त पूजन हवन व भगवान शिव का रूद्राभिषेक करते रहते है।इतना ही नही यहां पर पूरे वर्ष भर आस पास के लोगो के यहां से मुंडन मरचटना व अखंड पाट भंडारे के आयोजक निरंतर होते रहते है।
लोगो की मान्यता है कि यहां पर सावन के माह मे जो भी ब्यक्ति चर्म रोगो से पीडित है केवल ऐक ही बार इस प्राचीन सरोबर मे स्नान कर लेने से ही सारे चर्म रोगो से मुक्ति मिल जाती है।

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