*बरवर नगर के मार्केट के बीचो बीच महात्मा गांधी की प्रतिमा के20 कदम की दूरी पर सजती है शराब की दुकान जिम्मेदार मौन*

लखीमपुर खीरी , 132

*बरवर-खीरी नगर के बीचो-बीच मार्केट में शराब का ठेका यानी शराब की दुकान बड़े शान से लगाई जा रही है शाम होते ही दारु पीने वालों  का बवाल हंगामे की खबरों से नगर वासी भलीभांति परिचित हैं कई मामलों में पुलिस का भी हस्तक्षेप करना पड़ता है लेकिन मजाल है कि जिम्मेदार शराब की दुकान को कस्बे के बाहर का कोई आदेश जारी करते और उस आदेश का पालन किया जाता  बताते चलें इस शराब की दुकान से मात्र 20 कदम की दूरी पर महात्मा गांधी की प्रतिमा स्थित है  लगभग 100 कदम की दूरी पर मस्जिद सब्जी मंडी स्थित है  लगभग डेढ़ सौ कदम की दूरी पर मस्जि कुरैशियांन स्थित है ठीक लगभग 200 कदम की दूरी पर शिक्षण संस्थान यानी प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय स्थित है इतने धार्मिक स्थलों व शिक्षण संस्थान के बीच में फिर बीचों-बीच मार्केट में शराब की दुकान स्थित होने के उपरांत भी किसी जिम्मेदार के द्वारा किसी प्रकार का कार्रवाई का कदम ना उठाना क्या दर्शाता है उसी रास्ते से नन्हे मुन्ने बच्चे पढ़ाई कर स्कूल से छुट्टी होने पर इस शराब के मयखाने के सामने से निकलते हैं क्या इसका असर इन बच्चों पर नहीं पड़ता है क्या महात्मा गांधी के चबूतरे और चबूतरे पर लगी प्रतिमा से 20 कदम की दूरी पर शराब की दुकान का होना कितना सही है दो मस्जिद व शिक्षा का मंदिर के इतने करीब शराब की दुकान का होना कितना सही है अभी लगभग दो से तीन दिन पूर्व एक शराबी के द्वारा शराब पीकर आतंक मचाया जा रहा था और कमर में तमंचा लगे होने की सूचना बरबर पुलिस चौकी इंचार्ज सुरेंद्र बहादुर सिंह को दी जाती है जब चौकी इंचार्ज आनंन फानन में अपने फोर्स के साथ मौके पर पहुंचकर व्यक्ति को हिरासत में लेते हैं और तहकीकात करने पर पुलिस चौकी इंचार्ज सुरेंद्र बहादुर सिंह द्वारा जानकारी देने पर पता चलता है की कमर में लगा तमंचा चिड़िया मारने वाला है लेकिन यह सत्य था की दारू के नशे में था शाम होते ही शराब की दुकान सज जाती है और शराबियों की भीड़ देखने को मिलती है लेकिन जिम्मेदारों के कानों पर जूं तक नहीं रेंगती है आखिर क्यों सोचनीय विषय है*

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