माता सीता की खोज कर रहे श्री राम से हुआ हनुमान का मिलन, भक्ति भाव में डूबे श्रद्धालु
लखीमपुर खीरी Jan 02, 2025 at 05:17 PM , 491 ग्याहर दिवसीय श्रीराम कथा अमृत महोत्सव आज होगा पूर्ण
लखीमपुर खीरी। विलोबी मैदान में चल रहे श्री राम कथा अमृत महोत्सव में गुरुवार को सीता हरण और श्री राम से हनुमान के भेंट की कथा सुनाई गई। जिसे सुनकर श्रद्धालु भावुक हो गए।
दसवें दिन की कथा सुनाते हुए कथा व्यास पंडित शशि शेखर जी महाराज ने बताया कि भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण वनवास के दौरान पंचवटी में निवास कर रहे थे। इस दौरान रावण की बहन शूर्पणखा ने राम से विवाह का प्रस्ताव रखा, जिसे उन्होंने अस्वीकार कर दिया। जिसके बाद वह लक्ष्मण के पास गई, लक्ष्मण ने क्रोधित हो उसकी नाक काट दी, जिससे शूर्पणखा ने अपने भाइयों खर और दूषण को राम पर आक्रमण करने के लिए भेजा, युद्ध के बाद श्री राम ने उनका वध कर दिया। जिसके बाद शूर्पणखा ने अपने भाई रावण से इस अपमान की शिकायत की और उसे सीता की अद्भुत सौंदर्य के बारे में बताया, जिससे रावण ने सीता का हरण करने का निश्चय किय। रावण ने मारीच नामक राक्षस को स्वर्ण मृग का रूप धारण कर राम और लक्ष्मण को वन से दूर करने के लिए भेजा। वन में माता सीता स्वर्ण मृग को देखकर मोहित हो गईं और राम से उसे लाने का आग्रह किया। श्री राम ने मृग का पीछा किया और अंततः उसे मार दिया। मरते समय मारीच ने राम की आवाज में "हे लक्ष्मण, हे सीता" चिल्लाकर सीता जी को धोखा दिया। आवाज सुनकर चिंतित सीता ने लक्ष्मण को उनकी सहायता के लिए भेजा। लक्ष्मण ने सीता की सुरक्षा के लिए उनके कुटिया के चारों ओर लक्ष्मण रेखा खींची और उससे बाहर न जाने का अनुरोध किया। लेकिन रावण साधु के वेश में आया और सीता से भिक्षा मांगी। जैसे ही सीता ने लक्ष्मण रेखा पार की, रावण ने अपना असली रूप प्रकट किया और उनका हरण कर लिया। सीता की खोज में राम और लक्ष्मण ने कई ऋषियों और वानरों से सहायता मांगी। राम और लक्ष्मण की भेंट वानरराज सुग्रीव और उनके सेनापति हनुमान से हुई। राम जी को देख हनुमान जी पहले उन्हें पहचान नहीं पाए और भेष बदलकर उनके पास जाकर उनका परिचय पूछा, जब हनुमान जी ओ पता लगा कि श्री राम उनके सम्मुख हैं तो वे उनके चरणों में गिर पड़े, यह प्रसंग सुन पंडाल में बैठे श्रोता भक्ति भाव से भर गए।
अखिल भारतीय श्री राम नाम जागरण मंच के तत्वावधान में श्री राम परिवार मित्र मंडली के सहयोग से आयोजित अमृत महोत्सव का शुक्रवार को ग्यारहवें दिन श्री राम के राज तिलक की कथा के साथ विश्राम लेगी। इस दौरान भव्य भंडारे के साथ विभिन्न कार्यक्रमों के आयोजन होंगे।
































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