कृषक समाज इण्टर कॉलेज के ड्रीम समर कैंप में आयोजित हुई योग द्वारा उच्च रक्तचाप प्रबंधन पर सेमिनार

लखीमपुर खीरी , 143

योग थैरेपिस्ट प्रिंस रंजन बरनवाल ने बताए योगाभ्यास से हाइपरटेंशन मैनेजमेंट के उपाय

योग सप्ताह के अन्तर्गत आयोजित हुई संगोष्ठी*

गोलागोकर्णनाथ खीरी।गोला गोकर्णनाथ के‌ प्रसिद्ध कृषक समाज इण्टर कॉलेज के ड्रीम समर कैम्प में योग सप्ताह के अन्तर्गत योग द्वारा उच्च रक्तचाप प्रबंधन विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया।संगोष्ठी का शुभारंभ समर कैम्प संचालिका सारिका जी एवं योग थैरेपिस्ट प्रिंस रंजन बरनवाल ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।संगोष्ठी में योग थैरेपिस्ट प्रिंस रंजन बरनवाल ने उच्च रक्तचाप के बारे में बताते हुए कहा कि यह अनियमित जीवनशैली के माध्यम से होने वाला एक डिसऑर्डर है।हमें जीवित रखने के लिए हमारे शरीर के प्रत्येक भाग में धमनियों  द्वारा रक्त निरंतर पहुंच कर उसे पोषण देता है। यह अत्यंत आवश्यक कार्य हमारे हृदय द्वारा अनवरत संपन्न होता रहता है,यह पंप की तरह खुलता दबता रहता है और रक्त को रक्त वाहिनी धमनियों और नलिकाओं में आगे बढ़ता रहता है। रक्त की धमनियों में आगे बढ़ाने की क्रिया को ही रक्तचाप या ब्लड प्रेशर कहते हैं। यह एक स्वाभाविक क्रिया है। सामान्य अवस्था में युवा व्यक्ति का रक्तचाप सिस्टोलिक 120-130 होता है और डायस्टोलिक 70-80, जब यही 140-80 हो जाता हैं तो वह उच्च रक्तचाप कहलाता है। उन्होंने बताया की उच्च रक्तचाप में रोगी को चक्कर आना, उल्टी जैसा लगना, आंखों में धुंधलापन, कभी-कभी नाक से खून निकलना, सुबह जागने पर सर के पीछे वाले भाग गर्दन में दर्द, जो थोड़ी देर बाद गायब हो जाता है महसूस होना, बेचैनी, चिड़चिड़ापन महसूस होना जैसे लक्षण शामिल हैं।‌प्रिंस रंजन बरनवाल ने कहा कि नियमित योगाभ्यास एवं विशेषज्ञ के देखभाल में उच्च रक्तचाप को प्रबंधित और प्रभावी रुप से क्योर किया जा सकता है। योग के अभ्यास से रक्तचाप में महत्वपूर्ण कमी आ सकती है, खासकर जब इसे ध्यान और गहरी सांस लेने जैसे अन्य तत्वों के साथ जोड़ा जाता है।त्रिकोणासन उत्तानमण्डूकासन अधोमुखश्वानासन, सरल भुजंगासन, पवनमुक्तासन, शशकासन, भद्रासन, वीरासन, शवासन के साथ नाड़ी शोधन, भ्रामरी, उद्गीथ प्राणायाम और योगनिद्रा के नियमित अभ्यास तनाव को कम करके आराम प्रदान कर सकते हैं, जो उच्च रक्तचाप के प्रबंधन के लिए महत्वपूर्ण कारक हैं। इसके अलावा, योग रक्त संचार और शारीरिक लचीलेपन में सुधार करता है, जो रक्तचाप को कम करने में मददगार है। किसी भी पूर्व-मौजूद चिकित्सा स्थिति के साथ, नए रूटीन शुरू करने से पहले योग्य योग प्रशिक्षक से परामर्श करना महत्वपूर्ण है।इस संगोष्ठी में राजदीपिका,पूनम, आदर्श, आशीष, परी‌, नूर आदि तमाम लोग मौजूद रहे।

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