अपनी परवाह न कर कोरोना योद्धा निभा रहे अपना फर्ज

लखीमपुर खीरी , 125

लखीमपुर खीरी। नकहा जगसड़ जनपद में बढ़ते कोरोना वायरस के मामले के बीच डॉक्टर, नर्स और स्टाफ मसीहा बने हुए हैं.अपनी जान को जोखिम में डालकर ये कोरोना योद्धा अस्पताल में दिन-रात काम कर रहे हैं। जनपद में कोरोना वायरस के मामले लगातार बढ़ने के बाद कोविड-19 हॉस्पिटल (जकसड़ ) के इंचार्ज डॉक्टर सुभाष वर्मा बनाए गए हैं तब से संक्रमित मरीजों की भर्ती एवं इलाज संबंधित व्यवस्थाएं और बेहतर हो गई बतायी जाती हैं मरीजों में भी काफी उत्साह देखने को मिला है डॉक्टर सुभाष वर्मा के साथ डॉ विमल वर्मा भी बड़ी मेहनत एवं लगन से मरीजों का उपचार कर रहे हैं जिसके बाद तमाम मरीज स्वस्थ होकर घर चले गए हैं। ऐसी स्थिति में कोविड संक्रमित मरीजों का उपचार करना खतरे से कहीं कम नहीं है न जाने कितने डॉक्टरों एवं स्टाफ ने अपने बीवी बच्चे को खोया है न जाने कितनो ने अपने परिवार के अन्य सदस्यों को खोया है। ऐसी विषम परिस्थिति में काम करने वाले डॉक्टर, नर्स और स्टाफ किस तरह से काम कर रहे हैं. ये सिर्फ वहीं जानते हैं. पिछले साल (2020) प्रशासन ने इन डॉक्टरों के लिए होटलों में रुकने की व्यवस्था की थी. जहां पर ड्यूटी से आने के बाद डॉक्टर क्वारंटाइन रहते थे. फिलहाल इस बार प्रशासन की तरफ से ऐसी कोई व्यवस्था नहीं की गई है. जिसकी वजह से डॉक्टर व नर्स काफी परेशान हैं. क्योंकि, ड्यूटी करने के बाद उन्हें वापस घर जाना पड़ रहा है. ऐसे में उनके परिवार के लिए भी यह काफी खतरनाक साबित हो सकता है. दरअसल, अस्पताल में जब मरीज आते हैं  उनमे तमाम ऐसे भी मरीज होते है जिनकी कोरोना जांच नहीं हुई रहती है इस दौरान (डॉक्टर-नर्स) कोरोना संक्रमित मरीजों से घिरे रहते हैं।

Related Articles

Comments

Back to Top