दिन-रात सीएमओ कार्यालय पर डटे आंदोलनकारी सीएचओ मासूम बच्चों को गोद में लेकर धरने पर बैठीं महिला सीएचओ
लखीमपुर खीरी Sep 08, 2026 at 02:55 PM , 5(केके शुक्ला/हरिशंकर मिश्र)
*लखीमपुर-खीरी।* जनपद में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (CHO) का धरना-प्रदर्शन लगातार उग्र होता जा रहा है। लंबित वेतन, एरियर, इंसेंटिव और अन्य अपनी जायज मांगों को लेकर सीएमओ कार्यालय परिसर में चल रहा। धरना गत रात में भी जारी रहा। दिन में जहां महिला CHO अपने छोटे-छोटे बच्चों के साथ धरने पर बैठी दिखीं, वहीं रात में भी बड़ी संख्या में CHO धरने पर डटे रहे।
दर्जनों सीएचओ ने सीएमओ कार्यालय के बरामदे में दरी बिछाकर रात में भी बैठे हुए अपनी मांगों को लेकर चर्चा करते रहे।
CHO ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ हैं तथा आयुष्मान आरोग्य मंदिर पर तैनात रहते हैं, लेकिन उन्हें पिछले कई महीनों से -
1. समय पर वेतन नहीं मिल रहा है
2. इंक्रीमेंट और एरियर का भुगतान लटका है
3. आरोग्य मंदिरों पर मूलभूत सुविधाओं का अभाव है
4. कार्यभार के अनुपात में मानदेय नहीं बढ़ाया जा रहा
मिली जानकारी के अनुसार आज के धरने ने पूरे आंदोलन को भावुक बना दिया। इसमें *महिला CHO अपनी 2-3 साल के नन्हे-मुन्ने बच्चों को गोद में लेकर धरने पर बैठने को मजबूर हैं।* एक फोटो में एक छोटा बच्चा बारिश से भीगे परिसर में हाथ में तख्ती लिए खड़ा है, दूसरी में एक माँ अपने बच्चे को संभालते हुए धरने पर बैठी है।
इसको लेकर CHO संगठन ने कड़ा संदेश जारी किया है -
> _"छोटे-छोटे नन्हे बच्चे आज अपनी माँ के साथ मजबूरन गर्मी, धूप और बरसात में धरने पर आने को विवश हैं। इन मासूमों से उनका बचपन छीना जा रहा है और इसकी जिम्मेदारी अधिकारियों की है, जो जायज़ मांगों को सुनने के बजाय हठधर्मिता पर अड़े हुए हैं। याद रखिए- इन मासूम आँखों का सवाल भी कभी न कभी जवाब मांगेगा।"_
जिले के आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का संचालन इन्हीं CHO के भरोसे है। लगातार धरने पर रहने से ग्रामीण क्षेत्रों में ओपीडी, टीकाकरण और प्राथमिक उपचार की सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।
सीएचओ संगठन ने चेतावनी दी है कि *"न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा"* और जब तक लिखित आश्वासन नहीं मिलता, धरना खत्म नहीं होगा।






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