*केले के फर्जी खरीदारों पर कार्रवाई की मांग,किसानों ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन*
लखीमपुर खीरी Sep 08, 2026 at 08:15 PM , 0*मंडी में 2500 रुपये क्विंटल भाव का दावा, बिचौलियों पर 600 से 1000 रुपये में केला खरीदने का आरोप*
*धौरहरा,संवाददाता*।धौरहरा तहसील क्षेत्र में केले की फसल तैयार होने के साथ ही किसानों और कथित बिचौलियों के बीच कीमत को लेकर विवाद गहरा गया है।क्षेत्र के केला किसानों ने कथित फर्जी खरीदारों और बिचौलियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम राशि कृष्णा को सौंपा।किसानों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।ज्ञापन सौंपने वालों में राजू शुक्ला, अलीम खां,इमरान खान,इजहार खान,बसंत त्रिवेदी,वसीम खान, मोहम्मद सैफ,मुनीर,राजीव जायसवाल,हरेराम,ओमप्रकाश यादव, सत्येन्द्र मिश्रा और महातिया सहित अन्य किसान मौजूद रहे।किसानों का आरोप है कि क्षेत्र में कुछ कथित फर्जी केला खरीदार और दलाल सक्रिय हैं।जो किसानों की मजबूरी का फायदा उठाकर तैयार फसल औने-पौने दामों में खरीद रहे हैं।किसानों का यह भी आरोप है कि बाहरी केला व्यापारियों को क्षेत्र में आने से रोका जा रहा है।जिसके चलते उन्हें अपनी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है।एसडीएम राशि कृष्णा को सौंपे गए मुख्यमंत्री संबोधित प्रार्थना पत्र में किसानों ने बताया कि धौरहरा तहसील क्षेत्र में बड़ी संख्या में किसान केले की खेती करते हैं।वर्तमान समय में अधिकांश किसानों की फसल तैयार हो चुकी है और उन्हें उपज बेचने की जरूरत है।किसानों के मुताबिक मंडी में केले का भाव करीब 2500 रुपये प्रति क्विंटल बताया जा रहा है।जबकि कथित बिचौलियों द्वारा किसानों से महज 600,700,800,900 और 1000 रुपये प्रति क्विंटल की दर से केला खरीदने का आरोप लगाया गया है।
किसानों का कहना है कि इतनी कम कीमत पर तैयार फसल बेचने से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।आरोप है कि तहसील तिराहे सहित क्षेत्र के अन्य स्थानों पर कथित बिचौलिये सक्रिय हैं।ये लोग किसानों से कम कीमत पर केला खरीदकर बाद में अधिक दाम पर बेचकर मोटा मुनाफा कमा रहे हैं।लागत अधिक, कम दाम में फसल बेचने से बढ़ी परेशानी
किसानों ने बताया कि केले की फसल तैयार करने में खाद, दवा, सिंचाई,मजदूरी और अन्य खर्चों को मिलाकर प्रति बीघा करीब 50 हजार रुपये तक की लागत आने का दावा किया है।ऐसे में तैयार फसल यदि बेहद कम कीमत पर बिकती है तो किसानों के लिए लागत निकालना भी मुश्किल हो जाता है। किसानों का कहना है कि इससे उनकी मेहनत और पूरी पूंजी पर संकट खड़ा हो गया है।फर्जी खातों से लेन-देन का भी लगाया आरोप ज्ञापन में किसानों ने कथित बिचौलियों द्वारा फर्जी खातों के माध्यम से लेन-देन किए जाने तथा सरकार को टैक्स के स्तर पर नुकसान पहुंचाए जाने की भी शिकायत की है।हालांकि इन आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।किसानों ने मुख्यमंत्री से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने,केला खरीदने वाले कथित फर्जी खरीदारों और बिचौलियों की गतिविधियों की जांच कराने तथा दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।किसानों का कहना है कि निष्पक्ष जांच होने पर कम कीमत पर केला खरीदने और कथित फर्जी लेन-देन से जुड़े वास्तविक तथ्यों का खुलासा हो सकेगा।किसानों ने सरकार से उनकी तैयार उपज का उचित मूल्य दिलाने, बाहरी व्यापारियों को खरीद की अनुमति देने तथा किसानों के हित में प्रभावी कदम उठाने की गुहार लगाई है।







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