दादी प्रकाशमणि जी की पुण्यतिथि पर गूंजा विश्व बंधुत्व का संदेश,
लखीमपुर खीरी Aug 25, 2026 at 05:22 PM , 0गोला गोकर्णनाथ खीरी। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की पूर्व मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी प्रकाशमणि जी की पुण्यतिथि के अवसर पर मंगलवार को विश्व बंधुत्व दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में दादी प्रकाशमणि जी के जीवन, उनकी आध्यात्मिक सेवाओं और मानवता के प्रति उनके योगदान को याद करते हुए उनके बताए प्रेम, शांति, सद्भाव और भाईचारे के मार्ग पर चलने का आह्वान किया गया।
मोहल्ला मुन्नूगंज स्थित राजयोग केंद्र पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पालिकाध्यक्ष विजय शुक्ला ‘रिंकू’ ने कहा कि दादी प्रकाशमणि जी ने अपना पूरा जीवन मानव कल्याण और आध्यात्मिक चेतना के प्रसार के लिए समर्पित किया। उन्होंने अपने व्यवहार और विचारों के माध्यम से समाज को प्रेम, शांति और आपसी भाईचारे का संदेश दिया। उनके आदर्श आज भी लोगों को सकारात्मक जीवन जीने की प्रेरणा प्रदान कर रहे हैं। विशिष्ट अतिथि सुर्जनलाल वर्मा ने कहा कि विश्व बंधुत्व की भावना केवल विचारों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसे अपने व्यवहार में भी उतारना जरूरी है। समाज में आपसी प्रेम, सम्मान और सहयोग की भावना को मजबूत करके ही शांति और सद्भाव का वातावरण बनाया जा सकता है। दादी प्रकाशमणि जी का जीवन इस दिशा में प्रेरणादायी उदाहरण है। वक्ता दीपक ने कहा कि वर्तमान दौर में तनाव, नकारात्मकता और आपसी दूरियों के बीच आध्यात्मिकता एवं सकारात्मक सोच की आवश्यकता और बढ़ गई है। दादी प्रकाशमणि जी ने लोगों को आत्मिक शक्ति, संयम और शांति के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उनके विचारों को जीवन में अपनाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। बीके अंजलि ने दादी प्रकाशमणि जी के आध्यात्मिक जीवन एवं सेवाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने विश्वभर में आध्यात्मिक चेतना और मानवता का संदेश पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनका जीवन त्याग, सेवा, प्रेम और करुणा का प्रतीक रहा। उन्होंने कहा कि विश्व बंधुत्व दिवस हमें जाति, धर्म, भाषा और अन्य भेदभाव से ऊपर उठकर एक-दूसरे को सम्मान देने तथा मानवता को सर्वाेपरि रखने की प्रेरणा देता है। इस दौरान बिना कोचिंग के नीट परीक्षा में सफलता हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन करने वाले डा. एसपी पटेल के पुत्र कर्तव्य पटेल ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि सफलता के लिए दृढ़ संकल्प, निरंतर मेहनत और सकारात्मक सोच बेहद जरूरी है। उन्होंने आध्यात्मिक मार्गदर्शन को भी जीवन में आत्मविश्वास और एकाग्रता बढ़ाने में सहायक बताया। कार्यक्रम में कर्तव्य पटेल की उपलब्धि की सराहना करते हुए अतिथियों ने उन्हें स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया। कार्यक्रम के दौरान दादी प्रकाशमणि जी को श्रद्धांजलि अर्पित की गई और उनके आदर्शों को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम का संचालन आदेश ने किया। अंत में बीके राधेश्याम ने सभी अतिथियों, ब्रह्माकुमारियों तथा उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर डा रामनरेश वर्मा, श्याम सिंह, डोरेलाल, रामकिशोर गुप्ता, कमलेश, ओमप्रकाश, रविन्द्र कटियार, महेश अवस्थी, राजाराम, प्रतीक, तारावती, नीलम, मंजू, रोली सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।






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