ईद मिलादुन्नबी पर अकीदत का सैलाब, जुलूस-ए-मोहम्मदी से गूंजा

लखीमपुर खीरी , 7

(सुनहरा/केके शुक्ला) 

लखीमपुर खीरी। पैगम्बर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की यौमे विलादत के मुबारक मौके पर शुक्रवार को शहर में ईद मिलादुन्नबी का त्योहार बड़ी अकीदत और एहतराम के साथ मनाया गया। मरकजी सीरत कमेटी के तत्वावधान में शहर-ए-खीरी में अज़ीमुश्शान जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाला गया, जिसमें हजारों आशिकाने रसूल ने शिरकत की।जुलूस की शुरुआत मोहल्ला गोटैयाबाग से कुरान ख्वानी, मीलाद शरीफ और सलातो सलाम के साथ हुई। इसके बाद जुलूस अपने नए रूट पर रवाना हुआ। जुलूस गोटैयाबाग से निकलकर बैंड मार्केट, हाथीपुर, मेला मैदान, आनंद सिनेमा, इमली चौराहा होते हुए मोहल्ला प्यारेपुर और डीएम रोड पहुंचा। डीएम रोड से काफिला सौजन्या चौराहा और रोडवेज बस स्टैंड होते हुए हीरालाल धर्मशाला मेन रोड* पर पहुंचा, जहां से होते हुए कोतवाली के पास चौराहे पर दुआ-ए-खैर और सलाम के साथ इसका पुरअमन समापन होगा 
सरकार की आमद मरहबा के नारों से गूंजा आसमान
पूरे रास्ते 'नारा-ए-तकबीर-अल्लाहु अकबर' और 'सरकार की आमद मरहबा, आका की आमद मरहबा' की सदाओं से शहर गूंजता रहा। जुलूस में पैदल के साथ-साथ बाइकों, चार पहिया वाहनों, घोड़ों, ऊंटों और बग्घियों पर सवार अकीदतमंदों का हुजूम उमड़ा। हरे झंडे हाथों में लिए नौजवानों का जोश देखने लायक था।झांकियों और लंगर ने मोहा मन
जुलूस में इस्लामी तारीख को दर्शाती खूबसूरत झांकियां, मक्का-मदीना के आकर्षक मॉडल और दुल्हन की तरह सजे वाहन आकर्षण का केंद्र रहे। जगह-जगह मुस्लिम और हिंदू भाइयों ने फूलों की बारिश कर जुलूस का इस्तकबाल किया।
सेवा भाव के तहत कई जगहों पर लंगर का एहतमाम किया गया था, जहां जायरीनों में चाय, हलवा, तहरी, खीर और बिरयानी तकसीम की गई। अमनो-अमान के साथ जुलूस के समापन के लिए पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।

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