*8 दिन बाद भी नहीं मिला सूरज कश्यप का शव नाकामियाबी लग हाथ परिवार को सता रहा डर।*
लखीमपुर खीरी Aug 24, 2026 at 05:30 PM , 6पलिया कलां लखीमपुर- खीरी।
17 अगस्त 2026 की शाम करीब 4 बजे हुई दुखद घटना में सूरज कश्यप पानी में डूब गया था। घटना को 8 दिन बीत चुके हैं, लेकिन सूरज कश्यप का शव अभी तक बरामद नहीं हो सका है।
सूरज कश्यप पुत्र विजय कुमार, निवासी मोहल्ला टेहरा शहरी, पलिया कलां, एक निर्धन एवं गरीब परिवार से था। उसके परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर है और पिछले सात दिनों से पूरा परिवार बेहद दुख और चिंता के बीच सूरज के शव के मिलने की उम्मीद लगाए बैठा है।
सूरज की तलाश को लेकर लगातार प्रशासन द्वारा प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन अभी तक सफलता नहीं मिली है। इसी को लेकर आज नगर व्यापार मंडल अध्यक्ष गौरव गुप्ता एवं रवि कुमार यादव (सभासद) के साथ दुधवा मुख्यालय पहुंचे और एसडीओ महावीर सिंह, फॉरेस्ट रेंजर, कोतवाली निरीक्षक शिवजी दुबे, एसआई रामजीत यादव एवं एसआई निशा शुक्ला के साथ काफी देर तक बैठक कर सूरज का पता लगाने के संबंध में गंभीर चर्चा की।
बैठक में यह सुझाव रखा गया कि जिस दिशा से पानी का बहाव घटनास्थल की ओर आ रहा है, उसे रोककर अथवा नियंत्रित कर जलस्तर को कम किया जाए, ताकि गहरे पानी में सूरज की तलाश को आसान बनाया जा सके।
बैठक के बाद क्षेत्राधिकारी जितेंद्र परिहार , कोतवाली निरीक्षक शिवजी दुबे, एसआई रामजीत यादव, एसआई निशा शुक्ला एवं फॉरेस्ट रेंजर के साथ घटनास्थल पर पहुंचकर मौका-मुआयना किया गया। मौके पर पानी के जलस्तर को कम करने और पानी के बहाव को नियंत्रित करने के संभावित उपायों पर भी चर्चा की गई।
मैंने प्रशासन से पुनः NDRF की टीम बुलाने के साथ-साथ अनुभवी एवं विशेषज्ञ गोताखोरों की टीम बुलाकर एक बार फिर पूरी गंभीरता और व्यापक स्तर पर सूरज की तलाश कराने का अनुरोध किया है। प्रशासन की ओर से आश्वासन दिया गया है कि कल NDRF एवं गोताखोरों की मदद से सूरज की तलाश के लिए दोबारा अभियान चलाया जाएगा।
मौके पर पुलिसकर्मियों के साथ मृतक सूरज की पत्नी गुड़िया, पिता विजय, माता देबू, भाई सरवन, सनी, विकी, अमर, भोली सहित तमाम परिवारजन एवं मोहल्लेवासी मौजूद रहे।
*आठ दिन से एक गरीब परिवार अपने सूरज के शव के मिलने की उम्मीद लगाए बैठा है।*
रोज कमाकर पेट भरता था सूरज का परिवार इस समय एक हफ्ता बीतने को है सूरज के कोई पता न मिलने से परिजनों का हाल बेहाल है खाने खाने को मोहताज हो गया है परिवार शासन प्रशासन से उचित व्यवस्था की भी आस लगाए हुए हैं अब देखना होगा कि क्या इस परिवार पर प्रशासन द्वारा मदद कुछ मदद हो सकती है।






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