*मैगलगंज में दस वर्षों से नहीं तैनात हुआ सफाई कर्मचारी, गंदगी के अंबार से जूझ रहे लोग*

लखीमपुर खीरी , 10

मैंगलगंज। स्वच्छ भारत मिशन और साफ-सफाई के सरकारी दावों के बीच मैगलगंज कस्बे की हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पिछले लगभग दस वर्षों से क्षेत्र में नियमित सफाई कर्मचारी की तैनाती नहीं की गई है, जिसके चलते कस्बे के मुख्य मार्गों, मोहल्लों और सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी के अंबार लगे हुए हैं।
कस्बे की नालियां कूड़े और सिल्ट से भरी पड़ी हैं, जिससे बरसात के दिनों में जलभराव की समस्या और गंभीर हो जाती है। जगह-जगह पड़े कूड़े के ढेरों से दुर्गंध फैल रही है तथा संक्रामक बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कई बार संबंधित विभाग और अधिकारियों को शिकायतें दी गईं, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका।
ग्रामीणों और व्यापारियों का आरोप है कि सफाई व्यवस्था पूरी तरह भगवान भरोसे चल रही है। बाजार क्षेत्र, सार्वजनिक स्थलों और आवासीय इलाकों में नियमित सफाई न होने के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि जब सरकार स्वच्छता अभियान पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, तब मैगलगंज जैसे क्षेत्र बुनियादी सफाई व्यवस्था से क्यों वंचित हैं?
क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि मैगलगंज में तत्काल सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति की जाए, नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब मांगा जाए कि आखिर एक दशक से क्षेत्र सफाई कर्मियों के बिना कैसे चल रहा है।
अब बड़ा सवाल यह है कि यदि वास्तव में दस वर्षों से सफाई कर्मचारी तैनात नहीं हैं, तो सफाई व्यवस्था के नाम पर मिलने वाले संसाधनों और बजट का उपयोग कहां हो रहा है? क्या संबंधित विभाग इस गंभीर समस्या का संज्ञान लेकर कोई ठोस कदम उठाएगा या फिर मैगलगंज के लोग इसी तरह गंदगी के बीच रहने को मजबूर रहेंगे?

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